कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: कोल इंडिया दे रहा 1 लाख 3 हजार रुपये का बोनस
कोल इंडिया ने अपने खदान कर्मियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। सालाना बोनस के रूप में कर्मचारियों के खाते में 1 लाख 3 हजार रुपये जमा कर दिए गए हैं। यह फैसला हाल ही में छिंदवाड़ा के परासिया में कोल इंडिया मानकीकरण समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
बोनस का यह भुगतान त्योहारों के मौसम में कर्मचारियों और बाजार दोनों के लिए खुशी का माहौल बना रहा है।
बोनस की परंपरा और इतिहास
पहले कोयला मजदूरों को दुर्गापूजा पर नकद बख्शीश दी जाती थी, जो अब प्रॉफिट-लिंक्ड बोनस में बदल गई है। यह राष्ट्रीयकरण के बाद कर्मचारियों के लिए मुख्य आकर्षण बन गया है।
पिछले 15 सालों में बोनस में लगातार वृद्धि
2011 में कोयला कर्मचारियों को 21 हजार रुपए बोनस मिला था, जो अब बढ़कर 1 लाख 3 हजार रुपए हो गया है। इस वर्ष का कुल बोनस बजट लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपए रखा गया है।
ठेका मजदूरों की स्थिति
ठेका मजदूरों को बोनस सीधे विभाग से नहीं मिलता। खानों में कार्यरत 1,000 से अधिक ठेका मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये या बेसिक का 8.5% बोनस देने पर सहमति बनी है। हालांकि, कभी-कभी उन्हें पूरी राशि नहीं मिल पाती।
सामाजिक और मनोवैज्ञानिक महत्व
कोयला क्षेत्र में बोनस केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि मजदूरों के सामाजिक और मानसिक उत्थान का प्रतीक भी है। दुर्गापूजा के समय बोनस मिलने की परंपरा कर्मचारियों में उत्साह और निष्ठा बनाए रखने में मदद करती है।

