MP में ₹1 प्रति किलो महंगी हुई CNG, भोपाल में कीमत ₹94.75 पहुंची:
भोपाल समेत मध्यप्रदेश में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए गए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी भोपाल में CNG की कीमत ₹1 प्रति किलो बढ़कर ₹94.75 प्रति किलो पहुंच गई है। यह पिछले 10 दिनों के भीतर दूसरी बार की गई बढ़ोतरी है, जिससे वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इससे पहले भी हाल ही में करीब ₹3 प्रति किलो की वृद्धि की गई थी, यानी कम समय में कुल मिलाकर CNG के रेट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। थिंक गैस एजेंसी द्वारा लागू किए गए नए रेट भोपाल और आसपास के कई जिलों में प्रभावी हो गए हैं। लगातार बढ़ते ईंधन दामों के बीच CNG की यह बढ़ोतरी परिवहन लागत और दैनिक आवागमन खर्च को भी प्रभावित कर रही है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
10 दिन में दूसरी बार बढ़े CNG के दाम
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में CNG की कीमतों में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। ताजा बढ़ोतरी के साथ यह पिछले 10 दिनों में दूसरी बार रेट संशोधन है।
इससे पहले भी हाल ही में करीब ₹3 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। यानी दो बार की बढ़ोतरी को मिलाकर उपभोक्ताओं पर कुल मिलाकर काफी असर पड़ा है।
पिछले दो महीनों की बात करें तो CNG की कीमतों में करीब ₹6 प्रति किलो तक की वृद्धि हो चुकी है, जो लगातार बढ़ते ईंधन संकट की ओर इशारा करती है।
भोपाल में ₹94.75 प्रति किलो पहुंची CNG
नई दरों के अनुसार भोपाल में CNG की कीमत ₹94.75 प्रति किलो हो गई है। यह दर थिंक गैस एजेंसी द्वारा लागू की गई है, जो राजधानी और आसपास के कई जिलों में सप्लाई करती है।
भोपाल के मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड, बैरागढ़ रोड सहित लगभग 25 CNG स्टेशनों पर नई दरें लागू कर दी गई हैं।
शहर के कुल 152 पेट्रोल पंपों में से 12 पंपों पर भी CNG उपलब्ध है, जहां अब यह बढ़ी हुई दरों पर मिल रही है।
किन जिलों पर पड़ेगा असर
थिंक गैस कंपनी की सप्लाई व्यवस्था के तहत यह बढ़ोतरी केवल भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के कई जिलों पर भी इसका असर पड़ेगा।
इन जिलों में सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं, जहां वाहन चालकों को अब महंगी CNG खरीदनी होगी।
इससे क्षेत्रीय परिवहन लागत बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
प्रदेश में तीन कंपनियां करती हैं सप्लाई
मध्यप्रदेश में CNG सप्लाई का नेटवर्क तीन प्रमुख कंपनियों के माध्यम से संचालित होता है—
- थिंक गैस: भोपाल और आसपास के जिले
- अवंतिका गैस: इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग
- गेल (GAIL): कई अन्य जिलों में सप्लाई
इन तीनों कंपनियों की अलग-अलग सप्लाई प्रणाली के कारण कीमतों में क्षेत्रवार अंतर देखने को मिलता है, लेकिन हालिया वैश्विक परिस्थितियों का असर सभी पर पड़ रहा है।
दो महीने में तीसरी बार बढ़ोतरी
अगर पिछले दो महीनों की स्थिति देखें तो यह तीसरी बार है जब CNG के दाम बढ़ाए गए हैं।
लगातार बढ़ती कीमतों से यह साफ है कि ईंधन बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। पहले पेट्रोल-डीजल और अब CNG की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।
पेट्रोल-डीजल भी पहले से महंगे
CNG के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी पिछले कुछ दिनों में कई बार बढ़ोतरी देखी गई है।
मध्यप्रदेश के कई शहरों में डीजल ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, जबकि पेट्रोल ₹115 से अधिक दाम पर बिक रहा है।
भोपाल में पेट्रोल ₹114.65 और डीजल ₹99.74 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे शहरों में भी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
CNG वाहनों की मांग में 50% की बढ़ोतरी
हालांकि कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, फिर भी CNG वाहनों की मांग में कोई कमी नहीं आई है।
पिछले तीन वर्षों में भोपाल में CNG वाहनों की बिक्री लगभग 50% तक बढ़ी है।
ऑटोमोबाइल शोरूम से रोजाना 10 से 15 CNG आधारित वाहन बिक रहे हैं। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल की तुलना में CNG का बेहतर माइलेज और अपेक्षाकृत कम प्रदूषण है।
CNG क्या है और कैसे बनती है
CNG यानी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनी होती है। यह प्राकृतिक गैस जमीन के नीचे मौजूद तेल और गैस भंडारों से प्राप्त की जाती है।
इस गैस को प्रोसेसिंग प्लांट में शुद्ध किया जाता है, जहां से इसमें मौजूद नमी और अशुद्धियों को हटाया जाता है।
इसके बाद इसे बहुत अधिक दबाव में संपीड़ित (compress) किया जाता है ताकि यह कम जगह में स्टोर हो सके।
इसी संकुचित गैस को सिलेंडरों में भरकर वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है।
पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प
CNG को पेट्रोल और डीजल की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल माना जाता है क्योंकि इससे कम कार्बन उत्सर्जन होता है।
यह हवा में कम प्रदूषण फैलाती है और स्मॉग जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद करती है।
इसी वजह से कई शहरों में सरकार और वाहन निर्माता कंपनियां CNG वाहनों को बढ़ावा दे रही हैं।
वैश्विक कारणों से बढ़ रही कीमतें
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और गैस आपूर्ति की स्थिति का असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ रहा है।
इसी कारण CNG सहित अन्य ईंधनों की कीमतों में बार-बार बदलाव देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी कीमतों में स्थिरता की संभावना कम है।
आम जनता पर बढ़ता आर्थिक दबाव
लगातार बढ़ती CNG कीमतों का सीधा असर ऑटो-रिक्शा चालकों, निजी वाहन मालिकों और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों पर पड़ रहा है।
परिवहन लागत बढ़ने से माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, जिसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।
पहले से ही पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझ रही जनता के लिए CNG की बढ़ी कीमतें अतिरिक्त बोझ साबित हो रही हैं।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में CNG की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने ईंधन महंगाई की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। भोपाल में ₹94.75 प्रति किलो तक पहुंची CNG दरें उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।
हालांकि CNG अब भी पेट्रोल-डीजल की तुलना में अपेक्षाकृत सस्ती और पर्यावरण के लिए बेहतर मानी जाती है, लेकिन बार-बार हो रही कीमतों में बढ़ोतरी इसकी आर्थिक उपयोगिता को प्रभावित कर रही है।
