उज्जैन, जो बाबा महाकाल की नगरी और मोक्षदायिनी मां शिप्रा नदी के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां हर 12 साल में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन किया जाता है । 2028 में लगने वाले इस महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने उज्जैन पहुंचेंगे। शासन-प्रशासन इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए पहले से ही तैयारियों में जुट गया था। इसके तहत स्थायी कुंभ नगरी बसाने के लिए एक लैंड पूलिंग योजना लाई गई थी, जिससे किसान नाराज थे।
भारतीय किसान संघ इसका विरोध

भारतीय किसान संघ ने सात महीने से इस कानून के खिलाफ आंदोलन किया। मांगें पूरी न होने पर संघ ने 18 नवंबर से प्रशासनिक भवन पर घेराव और डेरा डालो आंदोलन की घोषणा की थी। इसी बीच सोमवार को किसान संघ का प्रदेश प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बुलाने पर भोपाल पहुंचा। बैठक के बाद सरकार ने लैंड पूलिंग कानून को रद्द करने की घोषणा की।
किसानो ने रैली निकल कर किया धन्यवाद

जिसके बाद , किसान संघ के जिला अध्यक्ष कमल आंजना, भारत सिंह बेस और अन्य पदाधिकारी अंगारेश्वर मंदिर से मिट्टी लेकर प्रशासनिक भवन पर पहुंचे जहां पर उन्होंने पूजा अर्चना की। तत्पश्चात, किसानों ने रैली निकालकर सरकार को धन्यवाद दिया।
भारतीय किसान संघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुशीला बिश्नोई ने बताया कि यह किसान की हक की जीत है। इस मौके पर प्रदर्शन में शामिल किसान रैली में नाचते-झूमते नजर आए और अपने आभार व्यक्त किया। विरोध से आज खुशी और उत्सव का माहौल बन गया है।
