मोबिलिटी और नई तकनीक क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक : CM डॉ. मोहन यादव
भोपाल। मध्य प्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मोबिलिटी, फ्यूल और नई तकनीक क्षेत्रीय विकास की आधारशिला हैं। उज्जैन जिले के ग्राम नलवा में स्थापित गायत्री पेट्रोलियम–मोबिलिटी स्टेशन का मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली शुभारंभ करते हुए उन्होंने इसे क्षेत्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिष्ठान के संचालक गोविंद सिंह आंजना को शुभकामनाएं दीं और उनके प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्टेशन न केवल फ्यूलिंग की सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और मोबिलिटी के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आधुनिक प्रतिष्ठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में विकास की नई दिशा
डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिमी मध्य प्रदेश वर्तमान में विकास के एक नए दौर से गुजर रहा है। वर्ष 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ महाकुंभ और उज्जैन–इंदौर–देवास को मिलाकर विकसित किए जा रहे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के कारण यह क्षेत्र भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आकार ले रहा है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं के कारण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवा वर्ग को नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से देश का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
सड़क नेटवर्क और औद्योगिक विस्तार
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उज्जैन, इंदौर और देवास क्षेत्र में सड़क नेटवर्क और परिवहन सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के उन्नयन से शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों का कनेक्शन मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि बेहतर सड़क और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से औद्योगिक गतिविधियां, निवेश और व्यापारिक अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। साथ ही, इस नेटवर्क के माध्यम से माल और सेवाओं की आपूर्ति अधिक सुगम हुई है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो रही है।
CM का मोबिलिटी और नई तकनीक का योगदान
डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के सतत विकास के लिए मोबिलिटी और ऊर्जा संसाधन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि फ्यूल स्टेशनों और आधुनिक मोबिलिटी सुविधाओं के बिना न तो परिवहन प्रणाली सुचारु रह सकती है और न ही औद्योगिक विस्तार संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक अपनाकर विकसित किए जा रहे मोबिलिटी स्टेशन न केवल सुविधा प्रदान करते हैं, बल्कि ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी लाभकारी हैं। ऐसे प्रतिष्ठान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने में भी योगदान देते हैं।
गायत्री मोबिलिटी स्टेशन से क्षेत्र को लाभ
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ग्राम नलवा में स्थापित गायत्री पेट्रोलियम–मोबिलिटी स्टेशन गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सेवा भाव के साथ क्षेत्रवासियों की जरूरतों को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह स्टेशन क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देगा, साथ ही लोगों को आधुनिक और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने संचालक गोविंद सिंह आंजना की पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया।
स्थानीय सहभागिता और जनभागीदारी
ग्राम नलवा में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। लोगों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और इस पहल को क्षेत्रीय विकास की दिशा में सकारात्मक कदम माना।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस स्टेशन के संचालन से आसपास के गांवों और कस्बों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
विकास और समृद्धि की दिशा
अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। आधुनिक तकनीक, मजबूत बुनियादी ढांचा और बेहतर मोबिलिटी सुविधाएं इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में पश्चिमी मध्य प्रदेश विकास और समृद्धि का नया उदाहरण बनेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ ग्रामीण जनों के लिए अवसर और सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
