CM डॉ. मोहन यादव का वाराणसी प्रवास , काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में किए दर्शन-पूजन
भोपाल/वाराणसी।
मध्यप्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव ने अपने वाराणसी प्रवास के दौरान सोमवार को सनातन आस्था के प्रमुख केंद्र काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन एवं पूजन किया। CM ने भगवान शिव से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने काशी के अधिष्ठाता देव काल भैरव मंदिर पहुंचकर भी पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है काशी
काशी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र माना जाता है। यहां स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर सनातन धर्म के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। CM डॉ. मोहन यादव ने मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा संपन्न की। उन्होंने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर देश और प्रदेश के नागरिकों के कल्याण की प्रार्थना की।
CM ने कहा कि काशी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है। यहां की ऊर्जा, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना समाज को सकारात्मक दिशा देती है।
काल भैरव मंदिर में पूजन कर मांगा लोककल्याण का आशीर्वाद
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के उपरांत CM डॉ. मोहन यादव काल भैरव मंदिर पहुंचे। काल भैरव को काशी का कोतवाल माना जाता है और मान्यता है कि उनकी अनुमति के बिना काशी में कोई कार्य पूर्ण नहीं होता। CM ने यहां विधिपूर्वक पूजा कर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की कामना की।
मंदिर के पुजारियों ने मुख्यमंत्री को धार्मिक परंपराओं की जानकारी दी और उन्हें काशी की ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्ता से अवगत कराया।

वाराणसी आगमन पर हुआ आत्मीय स्वागत
CM डॉ. मोहन यादव रविवार की रात्रि वाराणसी पहुंचे थे। उनके आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया।
स्वागत के दौरान जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश और देश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। CM ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसेवा ही सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य है।
जौनपुर के ग्राम समसपुर पनियरिया पहुंचे मुख्यमंत्री
वाराणसी प्रवास के दौरान CM डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के ग्राम समसपुर पनियरिया का भी दौरा किया। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चंद्र यादव से भेंट की।
CM ने इस अवसर पर क्षेत्रीय विकास, युवाओं के सशक्तिकरण और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच आपसी समन्वय और राज्यों के बीच सहयोग को लेकर सकारात्मक संवाद हुआ।

शोक संवेदना: स्वर्गीय सवधू यादव को दी श्रद्धांजलि
CM डॉ. मोहन यादव का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा रहा। उन्होंने राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव के पिता स्वर्गीय सवधू यादव के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया।
CM ने शोकाकुल परिवार से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि दुःख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिजनों को यह विश्वास दिलाया कि समाज और सरकार उनके साथ है।
संवेदनशील नेतृत्व का परिचायक रहा यह दौरा
CM डॉ. मोहन यादव का यह प्रवास आध्यात्मिक आस्था, सामाजिक संवेदनशीलता और राजनीतिक सौहार्द का प्रतीक रहा। एक ओर उन्होंने काशी जैसे पवित्र स्थल पर दर्शन कर धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत शोक की घड़ी में उपस्थित होकर मानवीय मूल्यों का उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस दौरे से यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री न केवल प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी समान महत्व दे रहे हैं।
प्रदेश के विकास और सांस्कृतिक चेतना के प्रति प्रतिबद्धता
CM डॉ. मोहन यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि आध्यात्मिक स्थलों से प्राप्त ऊर्जा जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विकास के साथ-साथ संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों के बीच आपसी सहयोग और संवाद से राष्ट्रीय विकास को नई गति मिलती है।
निष्कर्ष
CM डॉ. मोहन यादव का वाराणसी और जौनपुर प्रवास धार्मिक, सामाजिक और मानवीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन से लेकर शोक संतप्त परिवार से भेंट तक, यह दौरा उनके संवेदनशील और संतुलित नेतृत्व को दर्शाता है। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रही, बल्कि आपसी सहयोग और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी देती है।
