CM मोहन यादव का मास्टरस्ट्रोक: सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 54 लाख हितग्राहियों को 327 करोड़ की सौगात
मध्य प्रदेश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रदेश के 54 लाख से अधिक हितग्राहियों को बड़ी राहत दी है। शनिवार को CM डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 327 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की। इस अवसर पर CM ने प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा, दिव्यांगजन कल्याण और निवेश के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम के दौरान खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किए गए। CM ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के साथ मजबूती से खड़ी है और कमजोर तबकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बुजुर्गों को मिला सम्मानजनक और सुरक्षित आश्रय
इस मौके पर CM डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में ‘संध्या छाया ओल्ड एज होम’ का शुभारंभ भी किया। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह वृद्धाश्रम 5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ओल्ड एज होम के माध्यम से बुजुर्गों को परिवार जैसा वातावरण मिलेगा, जहां वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। CM ने सेवा भारती संस्था की सराहना करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र में वृद्धाश्रमों के निर्माण के लिए सरकार हर संभव सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा, “यह देखकर संतोष होता है कि बुजुर्गों के लिए इस तरह की आधुनिक और संवेदनशील सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के साथ मजबूती से खड़ी है।”
सरकार दिव्यांगों के साथ
CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। खेल, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में दिव्यांगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। CM ने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। “हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे,” उन्होंने कहा।
दावोस में मध्य प्रदेश की गूंज
कार्यक्रम के दौरान CM ने हाल ही में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में मध्य प्रदेश की मजबूत उपस्थिति को लेकर भी जानकारी साझा की। CM ने कहा कि भारत के तीन सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में मध्य प्रदेश भी शामिल है और यही कारण है कि दावोस में प्रदेश को लेकर उद्योगपतियों में खास उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा, “दावोस में भारत का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल गया था और उसमें मध्य प्रदेश की भूमिका बेहद प्रभावशाली रही। हर उद्योगपति मध्य प्रदेश से जुड़ना चाहता है। निवेशकों का भरोसा प्रदेश की नीतियों और संसाधनों पर बढ़ा है।”
सस्ती बिजली और सोलर ऊर्जा ने बढ़ाई एमपी की पहचान
CM डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दावोस में मध्य प्रदेश की सस्ती बिजली और सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की खूब सराहना हुई। उन्होंने कहा कि सोलर एनर्जी के क्षेत्र में एमपी ने तेजी से प्रगति की है, जिससे उद्योगों को कम लागत में ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है, जहां कृषि और फसल उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। “यहां प्राकृतिक रूप से फसलों का उत्पादन होता है, जिससे कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिल रहा है,” मुख्यमंत्री ने कहा।
सामाजिक सुरक्षा और विकास साथ-साथ
कार्यक्रम के अंत में CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास—दोनों को समान रूप से आगे बढ़ा रही है। एक ओर जहां करोड़ों रुपये की पेंशन राशि जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश को निवेश का हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बने, बल्कि सामाजिक रूप से भी एक आदर्श राज्य के रूप में उभरे।
