छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुरू किया ‘जन विश्वास अभियान’, शिकायत मिलते ही CMHO, तहसीलदार और पटवारी निलंबित, हर शुक्रवार रहेगा ‘नो मीटिंग डे’
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को छिंदवाड़ा जिले के विदोरा से राज्यव्यापी ‘जन विश्वास अभियान’ का शुभारंभ किया। अभियान के पहले ही दिन मुख्यमंत्री पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दिए। आम नागरिकों से सीधे संवाद के दौरान जब विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें उनके सामने पहुंचीं, तो उन्होंने बिना देर किए जिला स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नरेश गुन्नाड़े, संबंधित तहसीलदार और पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दे दिए।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनहित की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, ईमानदारी और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मान और प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
जन विश्वास अभियान की हुई औपचारिक शुरुआत
विदोरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जन विश्वास अभियान का उद्देश्य सरकार और आम नागरिकों के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है, जब अधिकारी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि कहीं भी लापरवाही, उदासीनता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शिकायत सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि भविष्य की योजनाओं और नीतियों को जनता के सुझावों के आधार पर तैयार करने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।
शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने दिखाई सख्ती
कार्यक्रम के दौरान कई नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन से संबंधित समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए CMHO डॉ. नरेश गुन्नाड़े, संबंधित तहसीलदार तथा पटवारी को निलंबित करने के निर्देश जारी किए।
इसके साथ ही कुछ अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनकी वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की शिकायतों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
ईमानदार अधिकारियों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार केवल कार्रवाई करने के लिए नहीं बनी है, बल्कि अच्छे कार्यों को पहचानना और प्रोत्साहित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करेंगे, उन्हें सरकार विशेष रूप से सम्मानित करेगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है।
हर शुक्रवार रहेगा ‘नो मीटिंग डे’
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था की घोषणा करते हुए कहा कि अब हर शुक्रवार को पूरे मध्यप्रदेश में ‘नो मीटिंग डे’ रहेगा।
उन्होंने बताया कि इस दिन सचिवालय, मंत्रालय और जिला स्तर पर नियमित बैठकों की बजाय अधिकारी जनता के बीच रहेंगे। सरकार का पूरा फोकस फील्ड विजिट और जनसुनवाई पर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि अधिकारी कार्यालयों में बैठने की बजाय गांवों, कस्बों और शहरों में जाकर लोगों की समस्याएं स्वयं देखें और मौके पर उनका समाधान करें।
जिला से लेकर तहसील स्तर तक लगेगा जनता दरबार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक शुक्रवार को जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक जनता दरबार आयोजित किए जाएंगे।
इन जनसुनवाई कार्यक्रमों में—
- सभी मंत्री
- विधायक
- सांसद (जहां आवश्यक हो)
- कलेक्टर
- कमिश्नर
- जिला एवं विभागीय अधिकारी
जनता से सीधे संवाद करेंगे।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
गांव-गांव पहुंचेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार लोगों के पास जाएगी। उन्होंने कहा कि जन विश्वास अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच मौजूद दूरी को समाप्त करना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों, दूरस्थ आदिवासी इलाकों तथा पिछड़े क्षेत्रों में विशेष रूप से शिविर लगाए जाएं ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा।
जनता के सुझावों से बनेंगी भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जन विश्वास अभियान केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भविष्य की विकास योजनाओं का आधार भी बनेगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। ऐसे में सरकार स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझावों और अनुभवों के आधार पर नई योजनाएं तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि जनता सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव सरकार तक पहुंचाएगी तो योजनाएं अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनेंगी।
जनप्रतिनिधियों की भी रहेगी सक्रिय भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि सभी जनप्रतिनिधि भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि विधायक, जनपद सदस्य, जिला पंचायत प्रतिनिधि और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जनता से संवाद करेंगे।
इससे स्थानीय स्तर पर समस्याओं की पहचान तेजी से होगी और उनका समाधान भी समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।
सुशासन और जवाबदेही पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह है। यदि कोई अधिकारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए समय-समय पर नई व्यवस्थाएं लागू की जाती रहेंगी।
प्रशासन को दिया स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री की कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। अभियान के पहले ही दिन वरिष्ठ अधिकारियों पर हुई कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि सरकार जन शिकायतों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की जनसुनवाई नियमित रूप से आयोजित होती रही और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई जारी रही, तो इससे सरकारी व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होगा।
जनता को मिलेगी त्वरित राहत
सरकार का मानना है कि जन विश्वास अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारी मौके पर ही शिकायतों की जांच करेंगे और जहां संभव होगा, तत्काल समाधान भी करेंगे।
इसके अलावा जिन मामलों में विस्तृत जांच आवश्यक होगी, उनकी समयबद्ध मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री का संदेश
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि—
“जो अधिकारी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करेगा, उसे सम्मान मिलेगा। लेकिन जो जनता की समस्याओं की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है। जन विश्वास अभियान सुशासन और जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे प्रत्येक शुक्रवार आयोजित होने वाले जन विश्वास कार्यक्रम में अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर रखें, ताकि सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ा सके और मध्यप्रदेश को सुशासन का मॉडल राज्य बनाया जा सके।
