भोपाल (रविंद्र भवन)।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविंद्र भवन, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान CM Kisan Helpline का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं एक सामान्य किसान के रूप में हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल कर व्यवस्था की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।
मुख्यमंत्री ने लिया हेल्पलाइन सेवा का परीक्षण
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से ही सीएम किसान हेल्पलाइन पर कॉल किया। उन्होंने एक सामान्य किसान की तरह बातचीत करते हुए कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया।
कॉल के दौरान मुख्यमंत्री ने पूछा कि गर्मी के मौसम में तीसरी फसल के रूप में कौन-सी फसल लगाना बेहतर रहेगा।
CM Kisan Helpline ऑपरेटर के बीच संवाद
हेल्पलाइन सेंटर पर ड्यूटी पर तैनात विशेष ऑपरेटर ने कॉल रिसीव कर अपना परिचय दिया और सहायता के बारे में पूछा। इसके बाद बातचीत इस प्रकार हुई—
सीएम मोहन यादव: मैं एक किसान के रूप में बात कर रहा हूं, गर्मी में तीसरी फसल कौन-सी लगानी चाहिए?
हेल्पलाइन ऑपरेटर: क्या मैं आपका नाम जान सकता हूं?
सीएम मोहन यादव: मैं सामान्य किसान के रूप में बात कर रहा हूं।
हेल्पलाइन ऑपरेटर: वर्तमान में इस विषय पर जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन आपका नंबर दर्ज कर लिया गया है। कृषि अधिकारियों द्वारा आपसे संपर्क कर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने धन्यवाद देते हुए कॉल समाप्त किया।
सेवा प्रणाली और कार्यप्रणाली पर जोर
हेल्पलाइन ऑपरेटर ने जानकारी दी कि किसानों की समस्याओं को दर्ज कर संबंधित कृषि अधिकारियों और विशेषज्ञों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें उचित समाधान मिल सके।
सरकार के अनुसार यह हेल्पलाइन किसानों को सीधे विशेषज्ञ सलाह और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
हेल्पलाइन सेवा का संचालन
सीएम किसान हेल्पलाइन को सप्ताह के सातों दिन संचालित किया जाएगा। किसान इस नंबर पर कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
- हेल्पलाइन समय: सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक
- नंबर: 155253
- सेवाएं: फसल सलाह, कीट नियंत्रण, मौसम आधारित मार्गदर्शन, कृषि विशेषज्ञ परामर्श
इसके अलावा जटिल समस्याओं के लिए किसानों को वैज्ञानिकों से अपॉइंटमेंट की सुविधा भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि उन्हें मंच पर आते ही “परीक्षा में फंसा लिया गया।”
उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान कभी-कभी समझ और जानकारी के आदान-प्रदान में अंतर रह जाता है, लेकिन यही प्रक्रिया आगे व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद करेगी।
किसानों को सीधा लाभ देने की पहल
सरकार का मानना है कि इस हेल्पलाइन के माध्यम से किसानों को उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान मिलेगा और उन्हें कृषि विशेषज्ञों से सीधे जोड़ा जा सकेगा। इससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी जानकारी का प्रसार भी तेजी से होगा।
निष्कर्ष
सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 का शुभारंभ किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं कॉल कर व्यवस्था का परीक्षण करना इस बात का संकेत है कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उन्हें सीधे, सरल तथा प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना चाहती है।
