कड़ाके की ठंड में गरीबों के बीच पहुंचे CM मोहन यादव, रैन बसेरा में बांटे कंबल
MP में इन दिनों कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। तापमान लगातार गिरता जा रहा है और घना कोहरा आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। ऐसे कठिन हालात में प्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव एक बार फिर संवेदनशील और जनसेवी भूमिका में नजर आए। रविवार देर रात CM भोपाल के यादगार-ए-शाहजहानी पार्क तलैया स्थित रैन बसेरे पहुंचे, जहां उन्होंने ठंड से बचाव के लिए रह रहे गरीबों, बेसहारा लोगों और राहगीरों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही राहत सामग्री वितरित की।
CM ने रैन बसेरे में पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
CM यादव रविवार रात अचानक रैन बसेरे के निरीक्षण के लिए पहुंचे। उनके इस दौरे से प्रशासनिक अमले में भी हलचल देखने को मिली। CM ने रैन बसेरे में मौजूद लोगों से सीधे संवाद किया और ठंड के मौसम में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद व्यवस्थाओं पर संतोष जताया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्दी के मौसम में किसी भी जरूरतमंद को खुले आसमान के नीचे रात गुजारने के लिए मजबूर न होना पड़े। CM ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि कड़ाके की ठंड में गरीब, बुजुर्ग, महिलाएं और बेसहारा लोग सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में रात बिता सकें।
CM ने खुद परोसी गर्म चाय, बांटे कंबल
रैन बसेरे के निरीक्षण के दौरान CM यादव ने केवल औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि खुद गरीबों की सेवा करते नजर आए। उन्होंने रैन बसेरे में ठहरे लोगों को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय परोसी और सभी को गर्म कंबल वितरित किए। ठंड से कांप रहे लोगों के लिए यह पल भावुक कर देने वाला था। CM ने लोगों से बातचीत करते हुए उनकी दिनचर्या, काम और परिवार के बारे में पूछा। कई लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याएं भी बताईं, जिन्हें उन्होंने गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिलाया।

इससे पहले भी कई स्थानों पर बांटे कंबल
रैन बसेरे के निरीक्षण से पहले CM यादव ने शहर के अन्य इलाकों में भी जरूरतमंदों की सुध ली। उन्होंने पीएचक्यू के सामने लाल परेड ग्राउंड के शौर्य द्वार के पास महिलाओं और बुजुर्गों को कंबल वितरित किए। इसके अलावा काली मंदिर तलैया क्षेत्र में भी गरीबों और जरूरतमंदों को कंबल बांटे गए। इन इलाकों में खुले में रहने वाले लोग, मजदूर और असहाय व्यक्ति मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच देखकर आश्चर्यचकित और खुश नजर आए।
जरूरतमंदों के चेहरों पर दिखी खुशी
कंबल पाकर गरीब और जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई लोगों ने CM यादव का आभार जताया और कहा कि इस भीषण ठंड में कंबल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कुछ बुजुर्गों ने कहा कि जब CM खुद आकर हालचाल पूछते हैं तो यह एहसास होता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। महिलाओं और बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री के इस मानवीय कदम की सराहना की।
सर्दियों में लगातार सक्रिय रहते हैं CM
यह पहली बार नहीं है जब CM यादव सर्दियों में रैन बसेरों का निरीक्षण करने पहुंचे हों। हर साल ठंड के मौसम में वे अक्सर देर रात या तड़के रैन बसेरों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते दिखाई देते हैं। CM का मानना है कि प्रशासनिक रिपोर्ट से ज्यादा जरूरी है कि ज़मीनी हालात खुद देखे जाएं, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके।
प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा
मध्य प्रदेश में इस समय सर्दी अपने चरम पर है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है।
कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर तक पहुंच गई है। 50 मीटर के बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।
ठंड और कोहरे से बढ़ी आम लोगों की परेशानी
ठंड और कोहरे के कारण आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सुबह के समय लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और मजदूरों को खास दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड से बचने के लिए लोग सड़कों और गलियों में अलाव जलाते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर नगर निगम और प्रशासन की ओर से भी अलाव की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन को दिए निर्देश
CM ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ठंड के इस दौर में रैन बसेरों की संख्या और क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी रैन बसेरों में पर्याप्त कंबल, साफ-सफाई, पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्थान पर जरूरतमंद खुले में सोता पाया जाए तो उसे तत्काल रैन बसेरे तक पहुंचाया जाए।
संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल
CM यादव का यह दौरा न सिर्फ प्रशासनिक निरीक्षण था, बल्कि यह एक संवेदनशील और मानवीय नेतृत्व की मिसाल भी बना। ठंड की रात में खुद मैदान में उतरकर गरीबों के बीच पहुंचना और उनकी सेवा करना आम जनता के बीच सकारात्मक संदेश देता है। प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड के बीच मुख्यमंत्री का यह कदम जरूरतमंदों के लिए राहत और भरोसे का प्रतीक बनकर सामने आया है।
