CM डॉ. यादव ने इंदौर के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों का लिया अनावरण
भोपाल: CM डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में इंदौर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए, जो शहर के अधोसंरचनात्मक विकास, यातायात, उद्योग, शिक्षा और पर्यटन को नए आयाम देंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इंदौर आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख महानगरों में शामिल होगा।
मेट्रो परियोजना में भूमिगत मार्ग: इंदौर का भविष्य
बैठक में मेट्रो परियोजना के रूट निर्धारण पर चर्चा की गई, और यह तय किया गया कि मेट्रो के प्रमुख हिस्से को भूमिगत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इस निर्णय से इंदौर के यातायात प्रबंधन में सुधार होगा और मेट्रो का अधिकतम लाभ जनता को मिलेगा। राज्य सरकार इस परियोजना के लिए लगभग 800-900 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी।
एलिवेटेड कॉरिडोर: इंदौर के यातायात की समस्याओं का स्थायी समाधान
CM ने एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की परियोजना पर भी चर्चा की, जो इंदौर शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के तहत जंक्शनों, रोटरी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का डिज़ाइन शीघ्र तय किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना आने वाले 25-50 वर्षों तक इंदौर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगी।
इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का विस्तार: 14,000 वर्ग किमी में जुड़ेंगे नए इलाके
बैठक में इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विस्तार का निर्णय लिया गया। इसे उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, शाजापुर-मक्सी क्षेत्रों के साथ जोड़कर लगभग 14,000 वर्ग किलोमीटर में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस क्षेत्र में बड़े रेलवे जंक्शन, एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे जैसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।
इंदौर को नया आर्थिक और सांस्कृतिक हब बनाने की दिशा में कदम
बैठक में इंदौर के विकास को नई आर्थिक पहचान देने के लिए स्टार्टअप पार्क और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर की स्थापना पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना इंदौर को मध्य भारत का सबसे बड़ा इनोवेशन सेंटर बनाएगी। कन्वेंशन सेंटर की लागत लगभग 550-600 करोड़ रुपये होगी और इसे तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा। इसके संचालन के लिए पीपीपी मॉडल को अपनाया जाएगा।
हुकुमचंद मिल परियोजना: इंदौर का मॉडल विकास
CM ने हुकुमचंद मिल परियोजना के क्रियान्वयन का स्वागत किया, जिसमें 17.5 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा। इस परियोजना को देश के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। CM ने कहा कि बड़े निवेशकों को इस परियोजना में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी की भूमि का पुनर्विकास और स्मार्ट इंदौर
बैठक में पलासिया स्थित पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि के पुनर्विकास के लिए भी निर्णय लिया गया, जिसमें ग्रीनरी, हवा की गुणवत्ता और खुले स्थानों को संरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट इंदौर के लिए सीसीटीवी नेटवर्क, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, और ई-बस प्रोजेक्ट जैसे उपायों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
स्मार्ट ट्रैफिक और ई-बस परियोजना: इंदौर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुधारने की दिशा में
CM ने इंदौर में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने और 270 ई-बसों की सेवा शुरू करने का भी ऐलान किया। यह बसें आगामी मार्च माह से शहर में चलने लगेंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
स्लम-फ्री इंदौर और आवास योजना
CM ने इंदौर के झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इसके तहत आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घरों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के लिए 10 स्थानों पर डीपीआर तैयार की जा रही है।
खेल सुविधाओं में सुधार: एस्ट्रोटर्फ और नए खेल मैदान
इंदौर को खेलों का केंद्र बनाने के लिए CM ने एस्ट्रोटर्फ मैदान और नए खेल मैदानों के निर्माण की योजना बनाई है। इन सुविधाओं से इंदौर को राष्ट्रीय खेल महाकुंभ और टूर्नामेंटों का केंद्र बनने की दिशा मिलेगी।

रोजगार के अवसर: उद्योग, विश्वविद्यालय और फूड पार्क
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार देने वाले विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी, और मालवा क्षेत्र में फूड पार्क, मेडिकल टूरिज्म और आईटी क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं।
समन्वित प्लान: इंदौर का समग्र विकास
CM ने इंदौर और आस-पास के क्षेत्रों के लिए समन्वित विकास योजना बनाने की बात की, जिसमें यातायात, मेट्रो, पुलिस, स्थानीय निकाय और निर्माण विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस योजना में बायपास निर्माण और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा।
इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर की समीक्षा करते हुए इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। यह कॉरिडोर इंदौर को औद्योगिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बना सकता है, और इसे जल्द विकसित करने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
नगरीय विकास और महिला सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
बैठक में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इंदौर के विकास के विभिन्न पहलुओं पर विचार प्रस्तुत किए। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी, जिसमें महिला शक्ति वाहिनी और मोबाइल पेट्रोलिंग सेवा शामिल हैं।
