MP में AI समिट: CM मोहन यादव ने निवेशकों और कंपनियों से की चर्चा
दिल्ली में AI Impact Summit 2026 में CM की भागीदारी
MP के CM डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में शुक्रवार को भाग लिया। इस समिट में उन्होंने भारत मंडपम में एआई इनोवेटर्स और निवेशकों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश पांच सेक्टरों – हेल्थ, कृषि, एजुकेशन, इंडस्ट्रीज और टूरिज्म – में एआई के इस्तेमाल पर विशेष जोर दे रहा है।
कृषि और हेल्थ में एआई के इस्तेमाल पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि में किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए एआई आधारित उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह हेल्थ सेक्टर में मरीजों के डेटा प्रबंधन, रोग निदान और डिजिटल हेल्थ सेवा को और प्रभावी बनाने के लिए एआई को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य एआई का उपयोग धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों को डिजिटल रूप से प्रमोट करने में भी कर रहा है।
निवेशकों के साथ MoU और मध्य प्रदेश आने का आमंत्रण
सीएम मोहन यादव ने कई कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश आने और निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि नवाचार और तकनीकी कौशल बढ़ाने के लिए स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को हर संभव समर्थन दिया जाएगा। एनर्जी सेविंग और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को अपनाने के लिए कंपनियों से चर्चा की गई।
प्रमुख कंपनियों के साथ बैठकें
- NVIDIA: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर चर्चा, स्टार्टअप्स के लिए GPU रियायती दरों पर उपलब्ध कराना, डेवलपर्स को उन्नत एआई टूल्स, लाइब्रेरी और संसाधन प्रदान करना। कंपनी ने मुख्यमंत्री को अपने अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में आमंत्रित किया।
- Google Play टीम: गेमिंग स्टार्टअप्स और छात्र डेवलपर्स के लिए समर्थन, एक्सेलरेटर प्रोग्राम, प्रमाणन पाठ्यक्रम और ऐप पब्लिशिंग सहायता पर चर्चा। इंदौर और भोपाल में डेवलपर इवेंट आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार।
- Sarvam AI: राज्य में फुल-स्टैक सोवरेन एआई इकोसिस्टम विकसित करने और स्टार्टअप्स व डेवलपर्स को सक्षम बनाने का प्रस्ताव। संभावित MoU बिंदुओं पर विचार-विमर्श।
- Genspark AI: सरकारी कार्यालयों के लिए एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर समाधान और पायलट प्रोग्राम का प्रस्ताव।
- Submer: इमर्सिव कूलिंग तकनीक प्रदर्शित की, जिससे डेटा सेंटर की बिजली खपत 40% तक कम हो सकती है और पानी का उपयोग न्यूनतम रहेगा। मौजूदा डेटा सेंटरों के एकीकरण और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम पर चर्चा।
- Inviscid AI: फिजिक्स-इन्फॉर्म्ड एआई और डिजिटल ट्विन तकनीक, जो डेटा सेंटर आधुनिकीकरण और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में सहायक।
- KGen: विश्वविद्यालयों में क्षमता निर्माण, गेम डेवलपमेंट प्रशिक्षण, गेम जैम आयोजन और इंदौर में स्टूडियो स्थापित करने का प्रस्ताव।
डिजिटल ढांचे और रोजगार पर ध्यान
अधिकारियों ने बताया कि इन बैठकों का उद्देश्य राज्य को एआई नवाचार, सतत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित रोजगार के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इससे युवाओं को उच्च तकनीकी कौशल सीखने और स्टार्टअप्स में अवसर पाने का मार्ग मिलेगा।
मुख्यमंत्री का संदेश: नवाचार और कौशल विकास
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य नवाचार और टैलेंट को और अधिक स्किलफुल बनाने पर काम कर रहा है। एआई के माध्यम से उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों में सुधार लाने की दिशा में प्रयास जारी है। उन्होंने निवेशकों और कंपनियों से आग्रह किया कि वे मध्य प्रदेश में अपने प्रोजेक्ट्स और तकनीकी केंद्र स्थापित करें, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिले।
राज्य की योजनाओं और भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एआई आधारित समाधान न केवल सरकारी कार्यों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएंगे, बल्कि आम जनता तक सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ाएंगे। पर्यटन और धार्मिक स्थलों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर अधिक पर्यटक आकर्षित किए जाएंगे। इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एआई स्टार्टअप्स और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।
निवेश और स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास
समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को उन्नत एआई संसाधनों और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने का वादा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में AI हब और टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित करने के लिए कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों से सहयोग किया जाएगा।
समापन में सीएम की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना और एआई आधारित समाधानों के माध्यम से रोजगार और उत्पादकता बढ़ाना राज्य की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी स्टार्टअप्स, निवेशकों और डेवलपर्स से आग्रह किया कि वे मध्य प्रदेश में निवेश और सहयोग के लिए आगे आएं।
