बिहार चुनावी गरमा गर्मी के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव की मुस्किले बढ़ती हुई दिखाई दी । मध्य प्रदेश में बिजली वितरण कंपनी के एक आदेश ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया और किसानों की नाराजगी बढ़ गई, इस विवाद पर सीएम मोहन यादव ने सफाई दी है और किसानों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार ने किसानों से जो वादा किया है, वो पूरा किया जाएगा।
दरअसल, ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगर किसानों को रोजाना 10 घंटे से ज्यादा बिजली दी गई तो फीडर चलाने वाले ऑपरेटर की सैलरी काट ली जाएगी।

CM मोहन यादव ने किसानों को दी बड़ी राहत :
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि राज्य के किसानों को अब 10 घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार ने किसानों से जो वादा किया है, वह पूरा किया जाएगा। सीएम यादव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी सरकार की मंशा के विपरीत कोई आदेश जारी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली मिले।
विवादित पत्र के बाद सरकार की सख्त कार्रवाई :
दरअसल, हाल ही में बिजली विभाग के एक मुख्य अभियंता द्वारा जारी एक विवादित पत्र ने हंगामा खड़ा कर दिया था। उस पत्र में कहा गया था कि यदि किसानों को 10 घंटे से अधिक बिजली दी गई, तो संबंधित क्षेत्र के बिजली कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा। जैसे ही यह पत्र सार्वजनिक हुआ, विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए और कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर तीखा हमला किया। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आते ही सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और आदेश जारी करने वाले मुख्य अभियंता को पद से हटा दिया गया। इसके साथ ही विवादित पत्र को निरस्त कर दिया गया ताकि किसानों और अधिकारियों के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे।
सीएम बोले प्रदेश सरकार है किसानों के साथ :
सीएम मोहन यादव ने साफ कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी हर जरूरत को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को बिजली की कमी न हो, इसके लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कृषि उत्पादन बढ़े और किसान आत्मनिर्भर बनें। बिजली आपूर्ति में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागीय निगरानी को भी मजबूत किया जा रहा है। इस घोषणा के बाद किसानों में राहत की भावना देखी जा रही है और ग्रामीण इलाकों में सरकार की इस पहल का स्वागत किया जा रहा है।
