सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा: इंदौर-पीथमपुर मेट्रो का संचालन जल्द, उज्जैन तक भी विस्तार की तैयारी
इंदौर। मध्यप्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना तेजी पकड़ चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब इंदौर से पीथमपुर तक मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी। यही नहीं, इंदौर-उज्जैन मार्ग पर भी मेट्रो सेवा की संभावनाओं पर गंभीरता से काम शुरू हो गया है।
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट: स्टेशन निर्माण ने पकड़ी रफ़्तार
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में रेडिसन चौराहे तक ट्रैक और स्टेशन निर्माण तेजी से चल रहा है। मेट्रो प्रबंध निदेशक एस. कृष्ण चैतन्य ने हाल ही में अफसरों और ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता को समय पर मेट्रो सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इंदौर-पीथमपुर मेट्रो ट्रैक: सर्वे शुरू
औद्योगिक नगरी पीथमपुर को इंदौर से जोड़ने के लिए मेट्रो ट्रैक का सर्वे शुरू कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को इस ट्रैक का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। डीएमआरसी की टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र का जायजा ले रही है और एयरपोर्ट से पीथमपुर तथा एबी रोड–राजेंद्र नगर–राऊ होते हुए पीथमपुर तक जाने वाले विकल्पों का अध्ययन कर रही है।
प्रस्तावित ट्रैक करीब 30 किलोमीटर लंबा होगा। शुरुआती चर्चा में महू होकर पीथमपुर जाने का विकल्प भी रखा गया था, लेकिन इसमें लगभग 10 किलोमीटर अतिरिक्त लंबाई जुड़ने से फिलहाल इसे टाल दिया गया है।
उज्जैन मेट्रो: महाकाल मंदिर से रेलवे स्टेशन तक एलिवेटेड ट्रैक
इंदौर-पीथमपुर के साथ-साथ उज्जैन को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। डीएमआरसी ने उज्जैन मार्ग का प्रारंभिक सर्वे शुरू कर दिया है। इस पर 2.70 करोड़ रुपये की राशि सर्वे और डीपीआर तैयार करने के लिए स्वीकृत की गई है।
प्रस्तावित योजना के तहत लवकुश चौराहा से महाकाल मंदिर और उज्जैन रेलवे स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है। शुरुआती खाके में ट्रैक को अंडरग्राउंड बनाने का विचार था, लेकिन लागत अधिक आने की वजह से अब एलिवेटेड ट्रैक का विकल्प अपनाया जा रहा है। जल्द ही डीएमआरसी इस पर संशोधित प्रस्ताव पेश करेगी।
मेट्रो विस्तार से इंडस्ट्री और बिज़नेस को बड़ा लाभ
अधिकारियों का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से न केवल इंदौर शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र और उज्जैन जैसे धार्मिक-पर्यटन केंद्र को भी सीधा लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियाँ, व्यापार, और पर्यटन नई गति पकड़ेंगे।
आगे की राह
अब परियोजना में सबसे अहम कदम रूट फाइनलाइजेशन और स्टेशन निर्माण होगा। अधिकारियों के मुताबिक, समयबद्ध निर्माण कार्य, ट्रैक बिछाने और संरचनाओं को तैयार करने पर पूरा जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भी संकेत दिया है कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस परियोजना को गति देगी, ताकि जनता को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन का नया विकल्प जल्द ही उपलब्ध हो सके।

