“इंदौर अग्निकांड में आठ मौतें, CM डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, मदद का आश्वासन दिया”
इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र के बृजेश्वरी (एनएक्स) सुख शांति नगर में बुधवार की सुबह एक भयानक आग लगने की घटना हुई। मनोज पुगलिया के परिवार के घर में लगी आग में आठ लोगों की मौत हो गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
पुलिस और स्थानीय लोगों की शुरुआती जानकारी के अनुसार, रात को घर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगाई गई थी। सुबह शार्ट सर्किट के कारण एक चिंगारी ने आग का रूप ले लिया, जो देखते ही देखते पूरे घर में फैल गई। घर में रखे एलपीजी सिलिंडर आग की चपेट में आ गए और धमाके हुए, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।
हादसे में मृतकों में छह लोग पुगलिया परिवार के मेहमान थे, जो बिहार से इलाज कराने इंदौर आए थे।
CM डॉ. मोहन यादव ने किया दौरा
इस भयानक हादसे के तुरंत बाद CM डॉ. मोहन यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा, “दुख की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं और हर संभव मदद करेंगे।” सीएम ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और सरकार की ओर से सहायता का आश्वासन दिया।
इसके पहले ही सीएम ने घटना की जांच के निर्देश दे दिए थे। इस संबंध में आईआईटी के विशेषज्ञों को बुलाया गया है और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) डीलरों से भी घटना के कारणों का पता लगाने के लिए चर्चा की जाएगी।
आग फैलने का कारण और विस्फोट
जानकारी के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहन के शार्ट सर्किट से आग लगी। आग तेजी से पूरे घर में फैल गई और एलपीजी सिलिंडरों के फटने से भीषण धमाके हुए। हादसे के दौरान आसपास के लोग बाल्टी में पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश करने पहुंचे, लेकिन सिलेंडर फटने और आग की तेज़ी के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा।
इस प्रकार यह घटना एक गंभीर सुरक्षा संकट बन गई है, जिसमें आग और विस्फोट दोनों शामिल हैं।
पीड़ित परिवार और स्थानीय प्रतिक्रिया
हादसे में मारे गए 6 लोग बिहार से इंदौर इलाज कराने आए थे। स्थानीय लोग और पड़ोसी भी तुरंत राहत कार्य में जुट गए। हालांकि आग की तेज़ी और सिलेंडर के धमाके ने शुरुआती प्रयासों को रोक दिया।
स्थानीय प्रशासन ने घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर नियंत्रण पाया।
सरकारी कदम और जांच
मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच के निर्देश दिए। इसके लिए आईआईटी के विशेषज्ञों को बुलाया गया है जो आग के कारण और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सिस्टम में किसी तकनीकी खामी का अध्ययन करेंगे।
साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन डीलरों से भी चर्चा की जाएगी कि क्या चार्जिंग उपकरणों में कोई दोष था या सुरक्षा मानक पूरे नहीं किए गए थे।
सुरक्षा और भविष्य के उपाय
इस घटना ने इलेक्ट्रिक वाहन और घरेलू एलपीजी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू चार्जिंग और गैस सिलेंडरों के पास सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
सरकार ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए घरों में चार्जिंग पॉइंट्स और गैस सिलेंडर की दूरी का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय प्रशासन और राहत प्रयास
इंदौर प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित किए और मृतकों के परिवारों को तत्काल मदद देने का आश्वासन दिया। घायल लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा प्रबंध किए गए।
आसपास के लोगों ने भी बाल्टी और पानी के माध्यम से आग बुझाने की मदद की, जिससे प्रभावित क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
निष्कर्ष
यह आग दुर्घटना केवल इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के लिए एक चेतावनी है। इलेक्ट्रिक वाहन और घरेलू गैस उपकरणों के सुरक्षित उपयोग के महत्व को इस घटना ने स्पष्ट किया।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा।
इस दुखद घटना ने शहरवासियों को आग और गैस सुरक्षा की गंभीरता का एहसास कराया है और प्रशासन को अलर्ट रहने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।
