10 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का Nagda दौरा, तैयारियां अंतिम चरण में; अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने किया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण
नागदा से जीवन जी की रिपोर्ट
नागदा। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 10 जुलाई को प्रस्तावित Nagda आगमन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मुख्यमंत्री के दौरे की व्यवस्थाओं के मद्देनज़र अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम स्थल एवं सभा स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करते हुए कार्यक्रम का आयोजन सफल, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष राजेश धाकड़, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ओमप्रकाश गेहलोत, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विजय पटेल, बिरलाग्राम मंडल अध्यक्ष प्रकाश जैन, अनुविभागीय अधिकारी रंजना पाटीदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, नगर पालिका की टीम, नगर पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी पुलिस प्रशासन एवं भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि 10 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागदा में आयोजित भव्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे जावरा–उज्जैन नवीन फोरलेन निर्माण परियोजना का शिलान्यास करेंगे तथा नागदा में प्रारंभ हो रहे नवीन
केंद्रीय विद्यालय का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात देंगे। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत एवं उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति प्रस्तावित है।

नगर के जनप्रतिनिधियों ने नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा सभी सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे 10 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल एवं ऐतिहासिक बनाएं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है तथा प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं युद्ध स्तर पर पूर्ण की जा रही हैं।
