CJP Protest: दिल्ली में मोर्चे पर 43 हजार सुरक्षाकर्मी, पुलिस के साथ कौन-कौन तैनात?
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी थी। जंतर-मंतर पर सभा की अनुमति नहीं मिलने के बाद पुलिस ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों, सीमाओं और प्रमुख परिवहन केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी।
सुरक्षा बलों की संख्या को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग अनुमान सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में करीब 25 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बताई गई, जबकि अन्य में 35 हजार से अधिक और 40 हजार से ज्यादा कर्मियों का उल्लेख है। ABP की एक रिपोर्ट में कुल संख्या करीब 43 हजार बताई गई है। इसलिए 43 हजार को एक रिपोर्ट का अनुमान माना जाना चाहिए; इस आंकड़े की आधिकारिक संयुक्त पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय बल भी तैनात
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 221 कंपनियां उपलब्ध कराईं। इनमें करीब 23 हजार कर्मियों के शामिल होने का अनुमान था। दिल्ली पुलिस के करीब 5,000 जवान नई दिल्ली जिले में तैनात थे, जहां जंतर-मंतर स्थित है। जरूरत पड़ने पर इस जिले में पुलिसकर्मियों की संख्या 15 हजार तक बढ़ाने की तैयारी बताई गई थी।
प्रदर्शन में महिलाओं की संभावित भागीदारी को देखते हुए केंद्रीय बलों की पांच महिला कंपनियां भी तैनात करने की योजना थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 450 से 500 अतिरिक्त महिला अर्धसैनिक कर्मियों को शामिल किया जाना था। CAPF की कंपनियों में CRPF के जवान भी शामिल थे। CRPF कंपनियों को जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से लाए जाने की जानकारी दी गई।
जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा घेरा
नई दिल्ली जिले में जंतर-मंतर, जनपथ, निर्वाचन आयोग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आसपास के करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में 6,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी थी। जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर कई स्तरों के बैरिकेड लगाए गए और इलाके को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटा गया।
दिल्ली की सीमाओं पर भी वाहनों की जांच बढ़ाई गई। रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य प्रमुख स्थानों पर पुलिस तथा केंद्रीय बलों को तैनात किया गया। अधिकारियों ने आसपास के राज्यों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से तालमेल रखने के निर्देश दिए थे, ताकि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंच रहे लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।
CCTV, बॉडी कैमरे और हिरासत केंद्र
सुरक्षा व्यवस्था में निगरानी के लिए नई दिल्ली जिले में 300 से अधिक CCTV कैमरे लगाने और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों का इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई। पुलिस ने भीड़ पर नजर रखने के लिए फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर भी तैनात किए। संभावित हिरासत के लिए 12 केंद्र तैयार किए गए थे। पुलिस अधिकारियों को संयम बरतने और किसी भी उकसावे की स्थिति में पेशेवर तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
