मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
मुख्य सचिव Anurag Jain ने मध्यप्रदेश के कलेक्टरों और कमिश्नरों को स्पष्ट संदेश दिया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि केवल योजना बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाना और हर जिले में परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाने पर विशेष जोर देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर परियोजना का समापन समय-सीमा के भीतर किया जाए।
ग्रामीण विकास और आदर्श ग्राम निर्माण
मुख्य सचिव ने ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों को आत्मनिर्भर आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाए। इस योजना का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास, गौपालन, डेयरी विकास और ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।
उन्होंने निर्देश दिए कि 31 मार्च 2026 तक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाए, जिसमें प्रत्येक आदर्श ग्राम के लिए कार्ययोजना, समयसीमा और लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए। पंचायत स्तर पर नए राजस्व स्रोत विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्र में विकास के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
जल जीवन मिशन और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा
मुख्य सचिव ने जिलों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल नल जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी, मुरैना और भिंड के कलेक्टरों को निर्देश दिया गया कि लंबित कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। इसके साथ ही जल आपूर्ति को प्रभावी बनाने और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नवीन जिला एवं जनपद पंचायत भवनों के निर्माण के लिए निवाड़ी, पांढुर्ना, नीमच, बैतूल, हरदा, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी और भिंड जिलों में भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रशासनिक कार्यों में देरी न हो और योजनाएं समय पर पूरी हों।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
मुख्य सचिव Jain ने शिक्षा और स्वास्थ्य को समाज के भविष्य से जोड़ा। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉप आउट दर को शून्य करने का लक्ष्य रखा जाए। विशेष ध्यान उन जिलों पर दिया गया, जहां बच्चों का स्कूल में पंजीयन कम है।
आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों का पंजीयन बढ़ाने, सैंपलिंग चेकिंग करने और अभिभावकों से वन-टू-वन संवाद करने पर जोर दिया गया। इसके तहत प्रत्येक बच्चे की प्रगति की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करने और नियमित रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
स्कूलों और बालिका शौचालय निर्माण
मुख्य सचिव ने सभी शासकीय स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण को 8 मार्च, महिला दिवस तक पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों की मरम्मत या ध्वस्तीकरण कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यदि किसी स्कूल में तत्काल भवन निर्माण संभव न हो तो वैकल्पिक भवनों में कक्षाएं संचालित की जाएं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके अलावा, शिक्षकों और स्टाफ को समय पर तैनात करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
रोजगार और निवेश योजनाओं का क्रियान्वयन
मुख्य सचिव ने रोजगार और निवेश से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक तुरंत पहुंचाया जाए।
‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत जीआई टैग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने के निर्देश दिए गए ताकि नए उद्योग और रोजगार के अवसर प्रदेश में तेजी से बढ़ें।
सुशासन और किसानों के लिए निर्देश
बैठक में सुशासन, सीएम हेल्पलाइन के समय-सीमा में निराकरण, ‘संकल्प से समाधान’ अभियान तथा कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को समय पर बीमा, सब्सिडी और आर्थिक सहायता पहुंचाई जाए। इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और फील्ड सर्वे के माध्यम से हर जिले में रिपोर्ट तैयार की जाए। इससे योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
निष्कर्ष
मुख्य सचिव Jain की यह बैठक प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और आम जनता को त्वरित राहत देने के उद्देश्य से आयोजित की गई। बैठक में दिए गए निर्देशों से प्रदेश के विकास कार्यों में तेजी आएगी और सरकारी योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंचेगा।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को प्राथमिकता तय कर शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करनी होगी, ताकि सरकार की नीतियां केवल कागज पर न रहें, बल्कि वास्तविक परिवर्तन का असर जनता तक पहुंचे।
