छिंदवाड़ा भाजपा पार्षद लोकेश डेहरिया का अचानक निधन, शहर और राजनीतिक जगत में शोक की लहर
छिंदवाड़ा।
Chhindwara शहर में गुरुवार को एक दुखद घटना में नगर निगम के वार्ड क्रमांक 47 (प्रियदर्शनी कॉलोनी) के भाजपा पार्षद एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष लोकेश डेहरिया (46) का अचानक निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क पर चलते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृत्यु के कारण की आधिकारिक पुष्टि चिकित्सकीय परीक्षण और संबंधित रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
वार्ड का भ्रमण करते समय हुई घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोकेश डेहरिया अपने वार्ड क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान सिद्धिविनायक रेजीडेंसी के सामने सड़क पर पैदल चलते समय वे अचानक असंतुलित होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। प्रारंभिक स्तर पर हार्ट अटैक की आशंका व्यक्त की जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही होगी।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। सामने आए फुटेज में लोकेश डेहरिया सामान्य रूप से चलते हुए दिखाई देते हैं, जिसके कुछ ही क्षण बाद वे अचानक सड़क पर गिर जाते हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सहायता पहुंचाई और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
भाजपा के सक्रिय जनप्रतिनिधि थे लोकेश डेहरिया
लोकेश डेहरिया नगर निगम छिंदवाड़ा के वार्ड क्रमांक 47 से भाजपा पार्षद थे। इसके साथ ही वे भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में भी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
वे लंबे समय से सामाजिक और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय थे तथा अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार क्षेत्र में मौजूद रहते थे। स्थानीय लोगों के बीच उनकी पहचान एक सहज और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में थी।
शहर में शोक, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जताया दुख
उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों में शोक की लहर फैल गई। अनेक राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे संगठन और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
अस्पताल और उनके निवास पर समर्थकों, परिचितों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सभी ने दिवंगत पार्षद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
लोकेश डेहरिया का असामयिक निधन उनके परिवार, मित्रों, समर्थकों और पूरे छिंदवाड़ा शहर के लिए गहरा आघात है। वे अपने पीछे पत्नी, 13 वर्षीय बेटी, 8 वर्षीय बेटे तथा अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह क्षति अत्यंत पीड़ादायक मानी जा रही है, क्योंकि वे न केवल एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि थे, बल्कि परिवार के मुखिया के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।
घटना की जानकारी मिलते ही रिश्तेदार, मित्र, भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्र के अनेक नागरिक उनके निवास पर पहुंचे तथा दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस दुख की घड़ी में उन्हें धैर्य और साहस बनाए रखने की कामना की। स्थानीय लोगों ने कहा कि लोकेश डेहरिया मिलनसार, सरल स्वभाव और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे। उनके अचानक चले जाने से न केवल परिवार ने अपना अभिभावक खोया है, बल्कि क्षेत्र ने एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और समाजसेवी को भी खो दिया है। उनके निधन से उत्पन्न हुई रिक्तता लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
मृत्यु के कारण की होगी आधिकारिक पुष्टि
फिलहाल मृत्यु के वास्तविक कारण का निर्धारण चिकित्सकीय परीक्षण और संबंधित रिपोर्ट के बाद ही होगा। प्रारंभिक स्तर पर हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित चिकित्सा एवं जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
लोकेश डेहरिया के निधन से छिंदवाड़ा की राजनीति और सामाजिक जीवन में एक ऐसा शून्य उत्पन्न हुआ है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में आसान नहीं होगी। जनप्रतिनिधि के रूप में उनका योगदान और समाज के प्रति उनकी सक्रियता लंबे समय तक याद की जाएगी।
