Chhattisgarh PWD: ₹12,666 करोड़ के कामों को मंजूरी, 6 हजार KM सड़कें निर्माणाधीन; रायपुर में नए रोड-फ्लाईओवर की तैयारी
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताईं PWD की उपलब्धियां और आगामी योजनाएं, 200 पुलों का निर्माण पूरा; बस्तर में 8 प्रमुख सड़कों पर होगा काम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क, पुल और सरकारी भवनों से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़े स्तर पर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग के कामकाज और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद से अब तक PWD में करीब ₹12,666 करोड़ के निर्माण कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। वहीं प्रदेश में इस समय करीब 6 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं सुधार कार्य चल रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने सड़क और पुल निर्माण के साथ विभाग में नई भर्तियों, निर्माण कार्यों की डिजिटल निगरानी और राजधानी रायपुर के लिए प्रस्तावित सड़क एवं फ्लाईओवर परियोजनाओं की भी जानकारी दी। बस्तर क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर करने के लिए 8 प्रमुख सड़कों के कामों को भी मंजूरी दी गई है।
अलग-अलग वर्षों में हजारों करोड़ के कार्यों को स्वीकृति
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि दिसंबर 2023 के बाद लोक निर्माण विभाग के माध्यम से प्रदेश में लगातार नए निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार दिसंबर 2023 से 2024 तक करीब ₹551 करोड़ के कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
इसके बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग ₹2,590 करोड़ और वर्ष 2025-26 में करीब ₹9,129 करोड़ के निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई। वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग ₹608 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार का फोकस सड़क नेटवर्क के विस्तार के साथ पुल-पुलियों और शासकीय भवनों के निर्माण तथा पुराने बुनियादी ढांचे के सुधार पर है।
प्रदेश में 6 हजार किलोमीटर सड़कें निर्माणाधीन
छत्तीसगढ़ में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए इस समय करीब 6 हजार किलोमीटर सड़कों पर निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें नई सड़कों के निर्माण के साथ मौजूदा सड़कों के सुधार और उन्नयन से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री के मुताबिक बेहतर सड़क नेटवर्क से प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों को प्रमुख शहरों और बाजारों से बेहतर तरीके से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सड़क परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लोगों के यात्रा समय में कमी आने के साथ व्यापारिक एवं अन्य गतिविधियों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
₹1,258 करोड़ से 200 पुलों का निर्माण पूरा
PWD ने सड़क निर्माण के साथ पुलों के निर्माण पर भी काम किया है। अरुण साव के अनुसार वर्ष 2023 से अब तक करीब ₹1,258 करोड़ की लागत से 200 पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
पुलों के निर्माण को विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां बरसात के मौसम में नदी-नालों के कारण आवागमन प्रभावित होता है। नए पुल तैयार होने से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
विभाग ने इसके साथ ही सरकारी भवनों के निर्माण पर भी काम किया है। अब तक 252 भवनों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 265 भवनों का निर्माण कार्य जारी है।
संभाग मुख्यालयों में अधूरे भवनों को पूरा करने की तैयारी
प्रदेश के विभिन्न संभाग मुख्यालयों में अधूरे पड़े सरकारी भवनों को पूरा करने की दिशा में भी सरकार ने कदम उठाया है। इन भवनों के लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक स्वीकृति दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
PWD का लक्ष्य अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना है, ताकि पूर्व में किए गए निवेश का उपयोग हो सके और संबंधित विभागों को जरूरी अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सके।
PWD में 83 सब-इंजीनियर की नियुक्ति
निर्माण परियोजनाओं की बढ़ती संख्या के बीच विभाग में तकनीकी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम किया गया है। PWD में 83 सब-इंजीनियरों की नई नियुक्ति की गई है।
इसके अतिरिक्त असिस्टेंट ग्रेड-3 के 100 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है। नई नियुक्तियों से विभाग के प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विभाग के पास प्रदेशभर में बड़ी संख्या में सड़क, पुल और भवन निर्माण परियोजनाएं होने के कारण तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
WAMIS से होगी निर्माण कार्यों की निगरानी
PWD अपने कामकाज को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत WAMIS यानी Work and Accounts Monitoring Integration System लागू करने की योजना है।
इस प्रणाली के माध्यम से विभाग में चल रहे निर्माण कार्यों और उनसे जुड़े खातों एवं वित्तीय गतिविधियों की जानकारी को एकीकृत तरीके से मॉनिटर किया जा सकेगा।
इससे परियोजनाओं की प्रगति, वित्तीय प्रबंधन और निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर लाने में सहायता मिलेगी। बड़े स्तर पर चल रही परियोजनाओं की निगरानी में भी इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
बस्तर में 8 प्रमुख सड़कों को मंजूरी
बस्तर क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए PWD ने 8 प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन सड़कों के निर्माण से बस्तर के अलग-अलग क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर करने की योजना है।
बस्तर के कई क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क से स्थानीय नागरिकों के आवागमन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
रायपुर में नई सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं की तैयारी
राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और शहर के विस्तार को देखते हुए PWD ने कई नई परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं। इनका उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना और अलग-अलग हिस्सों के बीच वैकल्पिक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
मोवा से सेरीखेड़ी तक सड़क निर्माण के लिए करीब ₹100 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसी प्रकार लाभांडी से सड्डू तक सड़क के लिए भी लगभग ₹100 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित है।
इन दोनों मार्गों के विकसित होने से राजधानी के तेजी से विस्तार कर रहे क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
चांदनीडीह से सरोना तक बायपास का प्रस्ताव
रायपुर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए चांदनीडीह से सरोना तक बायपास बनाने की योजना भी तैयार की गई है। बायपास बनने से शहर के अंदर से गुजरने वाले वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकता है और प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा बंजारी माता मंदिर के पास फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया है। फ्लाईओवर का उद्देश्य व्यस्त क्षेत्र में यातायात को सुचारू बनाना और जाम की समस्या को कम करना है।
सड़क, बायपास और फ्लाईओवर से ट्रैफिक सुधारने पर जोर
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राजधानी में यातायात व्यवस्था को आसान बनाने के लिए सड़क, बायपास और फ्लाईओवर से संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सड़क, पुल और सरकारी भवनों के निर्माण कार्य जारी हैं।
PWD की आगामी रणनीति में नई परियोजनाओं के साथ निर्माणाधीन कार्यों को समय पर पूरा करने और उनकी निगरानी को मजबूत करने पर जोर रहेगा। प्रदेश में 6 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण, बस्तर की 8 प्रमुख सड़क परियोजनाएं और रायपुर के प्रस्तावित रोड-बायपास एवं फ्लाईओवर प्रोजेक्ट आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के सड़क नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
