छत्रपति नगर जैन धर्म शिक्षण शिविर में बच्चों को धार्मिक संस्कार, पूजन, अभिषेक और जैन सिद्धांतों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राजेश जैन दद्दू
छत्रपति नगर जैन धर्म शिक्षण शिविर
इंदौर में शिविर का भव्य शुभारंभ
इंदौर। मिनी बुंदेलखंड के रूप में चर्चित छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान में एवं छत्रपति नगर, महावीर बाग, गौरव नगर एवं अग्रसेन नगर में कार्यरत समस्त महिला संगठन के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 अप्रैल से 3 मई तक ज्ञान की आराधना करने एवं बच्चों को जैन धर्म का प्रशिक्षण देकर उन्हें संस्कारित करने के लिए ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर का शुभारंभ दिगंबर जैन तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर के ऋषभ सभागृह में हुआ।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य
छत्रपति नगर जैन धर्म शिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, धार्मिक संस्कारों और जैन दर्शन की गहरी समझ विकसित करना है।आज के आधुनिक युग में जहां बच्चे तकनीक और बाहरी प्रभावों में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, ऐसे में यह शिविर उन्हें उनकी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
शुभारंभ समारोह का आयोजन
शिविर का शुभारंभ जिनालय ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र जैन सहित समस्त ट्रस्टी पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से आचार्य श्री विद्यासागर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन करने के पश्चात किया गया।इसके पश्चात समस्त महिला संगठन की ओर से शिविर संयोजक शुभ्रा जैन, रजनी जैन, अंजली जैन, सोनाली बगड़िया एवं अखिल भारतीय महिला परिषद की संभाग अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन द्वारा ज्ञान आराधना मंगल कलश की स्थापना की गई।
शिविर में प्रशिक्षण देने वाले विद्वान
छत्रपति नगर जैन धर्म शिक्षण शिविर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर से पधारे युवा विद्वान:
- सौरभ शास्त्री
- सृजन शास्त्री
तथा स्थानीय वरिष्ठ युवा विद्वान:
- पंडित भरत शास्त्री
द्वारा बच्चों को जैन धर्म का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बच्चों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि शिविर के प्रथम दिन ही 50 बच्चों ने:
- पूजन
- अभिषेक
- शांति धारा
करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।इसके साथ ही बच्चों को इन क्रियाओं का महत्व भी विस्तार से समझाया गया, जिससे वे केवल क्रियाएं ही नहीं बल्कि उनके पीछे की भावना को भी समझ सकें।
महिला संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका
इस शिविर को सफल बनाने में विभिन्न महिला संगठनों की अहम भूमिका रही है। उनके संयुक्त प्रयास से यह आयोजन न केवल व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है बल्कि बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक वातावरण भी तैयार किया गया है।
शिविर की विशेष व्यवस्थाएं
छत्रपति नगर जैन धर्म शिक्षण शिविर में बच्चों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं:
- प्रतिदिन जलपान
- झोलिया शरबत
- दैनिक उपहार वितरण
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बच्चों को उत्साहित रखना और उन्हें नियमित रूप से शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है।
समाज में सकारात्मक प्रभाव
यह शिविर समाज में कई सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर रहा है:
- बच्चों में संस्कारों का विकास
- धार्मिक ज्ञान का प्रसार
- अनुशासन और नैतिकता का निर्माण
- समाज में एकता और सहयोग की भावना


