युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से लिया संन्यास, 148 विकेट के साथ खत्म हुआ सफर
भारतीय लेग स्पिनर का टेस्ट खेलने का सपना रहा अधूरा, वनडे और टी20 में टीम इंडिया की वापसी के लिए जारी रखेंगे प्रयास
नई दिल्ली। भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। उन्होंने अपने करियर के इस अध्याय को विराम देते हुए स्पष्ट किया कि वह सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। चहल का लक्ष्य अब वनडे और टी20 प्रारूप में बेहतर प्रदर्शन करके भारतीय टीम में दोबारा जगह बनाना है। उनके इस फैसले के साथ लाल गेंद के क्रिकेट में करीब 17 वर्षों का सफर समाप्त हो गया।
चहल ने अपने संन्यास की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि देश के लिए खेलने की इच्छा अभी भी बरकरार है और वह आगे मिलने वाले अवसर के लिए पूरी मेहनत करेंगे। इस घोषणा का अर्थ उनके पूरे क्रिकेट करियर का अंत नहीं है। उन्होंने केवल फर्स्ट क्लास प्रारूप को अलविदा कहा है, जबकि सफेद गेंद के मुकाबलों में उनका सफर जारी रहेगा।
49 मैचों में हासिल किए 148 विकेट
चहल ने वर्ष 2009 में हरियाणा की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था। इस प्रारूप में उन्होंने कुल 49 मुकाबले खेले और 148 विकेट हासिल किए। उनका गेंदबाजी औसत 32.27 रहा। घरेलू क्रिकेट से शुरू हुई उनकी यात्रा इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट तक पहुंची, जहां उन्हें अलग परिस्थितियों में अपनी गेंदबाजी आजमाने का अवसर मिला।
उनके करियर के ये आंकड़े लाल गेंद के मुकाबलों से जुड़े हैं। इन्हें अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट का रिकॉर्ड समझना सही नहीं होगा। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में घरेलू और काउंटी के मान्यता प्राप्त लंबे प्रारूप वाले मुकाबले शामिल होते हैं। टेस्ट क्रिकेट इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर है। इसलिए चहल की घोषणा को फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास के रूप में देखना चाहिए।
भारत के लिए टेस्ट खेलने का सपना अधूरा
वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले चहल को राष्ट्रीय टीम की ओर से टेस्ट मैच खेलने का अवसर नहीं मिला। टेस्ट कैप हासिल करना उनका लंबे समय से सपना था। संन्यास की घोषणा के दौरान उन्होंने इस इच्छा का उल्लेख किया और अपने लाल गेंद के सफर के प्रति संतोष तथा आभार जताया।
चहल के लिए यह फैसला उनके करियर की दिशा बदलने वाला कदम है। टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का इंतजार समाप्त होने के साथ अब उनकी प्राथमिकता उन प्रारूपों में अवसर तलाशना है, जिनमें वह पहले भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उनकी घोषणा में संन्यास के साथ आगे खेलने का संकल्प भी साफ दिखाई देता है।
वनडे और टी20 में वापसी पर नजर
चहल ने स्पष्ट किया कि उनके भीतर देश के लिए खेलने की भूख अभी बाकी है। वह मानते हैं कि उनमें क्रिकेट बचा हुआ है और भारतीय वनडे तथा टी20 टीम में एक और अवसर पाने के लिए अपना पूरा प्रयास करेंगे। फिलहाल उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट से संन्यास की घोषणा नहीं की है।
उनके बयान से यह स्पष्ट है कि आगे का ध्यान सफेद गेंद के क्रिकेट पर रहेगा। हालांकि भारतीय टीम में वापसी की इच्छा और चयन होना अलग बातें हैं। घोषणा में उन्होंने वापसी के लिए मेहनत करने का संकल्प जताया है; किसी आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उनके चयन की पुष्टि नहीं की गई है।
लॉर्ड्स में खेला अंतिम फर्स्ट क्लास मुकाबला
चहल ने अपना अंतिम फर्स्ट क्लास मैच इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर नॉर्थम्प्टनशायर के लिए खेला। अब लाल गेंद के क्रिकेट से विदाई के बाद उनकी नजर वनडे और टी20 में आगे के अवसरों पर है। 148 विकेट के साथ फर्स्ट क्लास सफर समाप्त हुआ है, लेकिन भारतीय जर्सी में फिर खेलने की उनकी उम्मीद कायम है।
