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CG Bilaspur Crime: धान पंजीयन, KYC और बीमा के नाम पर 90 लाख की ठगी का आरोप, 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मांगी इच्छामृत्यु

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Published On: 15 June 2026
CG Crime Alert: KYC
— बिलासपुर में बड़ा मामला! 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने 90 लाख की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया, KYC और धान पंजीयन के नाम पर ठगी का दावा

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CG Bilaspur Crime: धान पंजीयन, KYC और बीमा के नाम पर 90 लाख की ठगी का आरोप, 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मांगी इच्छामृत्यु

CG Bilaspur Crime: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने एक स्थानीय जनप्रतिनिधि पर धोखाधड़ी कर उनकी करीब 90 लाख रुपये की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि उनसे केवाईसी (KYC), धान पंजीयन और बीमा से जुड़े काम कराने के बहाने न केवल बैंक से रकम ट्रांसफर कराई गई, बल्कि उनकी जमीन, वाहन और कीमती संपत्ति भी अपने नाम करा ली गई।

लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से परेशान बुजुर्ग महिला ने अब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।

बेलगहना चौकी क्षेत्र की पीड़िता, कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन

यह पूरा मामला बिलासपुर के कोटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलगहना चौकी इलाके का है। पीड़िता बालकुंवर बसोर 87 वर्ष की हैं। उनके पति और तीनों बेटों का पहले ही निधन हो चुका है। वर्तमान में वह अपनी बेटी के साथ रहती हैं और झौवा-टुकनी बेचकर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रही हैं।

आरोप है कि केन्दा निवासी एक भाजपा समर्थित पंच फगुन प्रसाद प्रजापति उर्फ मोनू ने उनकी कमजोर स्थिति का फायदा उठाया और धीरे-धीरे उनके विश्वास में आकर यह कथित धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

KYC और बैंक काम के नाम पर 23 लाख की ट्रांजैक्शन का आरोप

पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने पहले उन्हें बैंक संबंधी कामों में मदद का भरोसा दिया। KYC अपडेट और अन्य औपचारिकताओं के बहाने उनकी बैंक डिटेल्स हासिल की गईं।

14 दिसंबर 2021 को उनके भारतीय स्टेट बैंक (SBI) खाते से करीब 23 लाख रुपये कथित रूप से आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। महिला का आरोप है कि यह पूरा ट्रांजैक्शन उनकी जानकारी और सहमति के बिना धोखे से कराया गया।

जमीन और कृषि संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने ग्राम पंचायत लूफा स्थित करीब ढाई हेक्टेयर कृषि भूमि को भी अपने नाम दर्ज करा लिया। बाद में जांच में यह बात सामने आई कि पीड़िता की लगभग 6.34 एकड़ जमीन भी उनके नाम से हटाकर आरोपी के नाम दर्ज कर दी गई।

यह आरोप सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है, क्योंकि इसमें जमीन के फर्जी दस्तावेज और कथित धोखाधड़ी से रजिस्ट्री कराने की बात कही गई है।

धान पंजीयन और अंगूठा लगवाकर दस्तावेज तैयार कराने का आरोप

वर्ष 2022 में आरोपी द्वारा बुजुर्ग महिला को कई बार तहसील कार्यालय ले जाने की बात भी सामने आई है। पीड़िता का कहना है कि उनसे कहा गया कि धान बेचने के लिए पंजीयन आवश्यक है।

इसी दौरान उनसे कई दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाया गया। बाद में जब उन्होंने धान बिक्री की जानकारी ली तो पता चला कि उनके नाम पर कोई पंजीयन ही नहीं हुआ है। इससे उन्हें संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।

वाहन और अन्य संपत्तियों के ट्रांसफर का आरोप

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके मृत बेटे के नाम पर दर्ज सेंट्रो कार, एक्टिवा और छोटा हाथी वाहन को भी बीमा और दस्तावेज अपडेट के बहाने अपने नाम ट्रांसफर कर लिया गया।

इस जानकारी की पुष्टि उन्हें बाद में अपने परिजनों से हुई, जिसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत करना शुरू किया।

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

पीड़िता और उनके परिजनों का आरोप है कि उन्होंने बेलगहना चौकी, कोटा एसडीओपी कार्यालय और बिलासपुर एसपी कार्यालय में कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उनका आरोप है कि उन्हें लगातार केवल जांच के नाम पर चक्कर कटवाए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से मामले में ढिलाई बरती और कार्रवाई नहीं की।

इच्छामृत्यु की मांग और प्रशासन में हलचल

लगातार न्याय न मिलने से परेशान होकर हाल ही में बालकुंवर बसोर बिलासपुर आईजी कार्यालय पहुंचीं और अपनी पूरी आपबीती सुनाई। उन्होंने अधिकारियों को एक लिखित आवेदन देकर इच्छामृत्यु की अनुमति की मांग की।

यह मामला जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा तो प्रशासन में हलचल मच गई। इसके बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।

आरोपी के खिलाफ केस दर्ज, जांच शुरू

प्रशासनिक निर्देशों के बाद आरोपी फगुन प्रसाद प्रजापति के खिलाफ धोखाधड़ी, छलपूर्वक संपत्ति हड़पने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस अब बैंक लेन-देन, जमीन की रजिस्ट्री, तहसील रिकॉर्ड और वाहन ट्रांसफर से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

यह मामला न केवल आर्थिक धोखाधड़ी का है, बल्कि एक बुजुर्ग महिला की सामाजिक और कानूनी सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच जारी है और सभी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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