जन्माष्टमी पर ऐतिहासिक मंडलेश्वर जेल में गूंजा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, सुंदरकांड-भक्ति गीतों से भक्तिमय हुआ परिसर
स्वराज वाणी संवाददाता जिला ब्यूरो चीफ मंडलेश्वर
85 कैदियों और अतिथियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया गया वृक्षारोपण
Mandleshwar। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लगभग 300 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक मंडलेश्वर जेल में इस बार अनूठे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन का दृश्य देखने को मिला। जिस कारागार से इतिहास के कई महत्वपूर्ण अध्याय जुड़े हैं, उसी परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
आयोजन के दौरान सुंदरकांड का संगीतमय पाठ, भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां, वृक्षारोपण और भाई-बहन के स्नेह का संदेश देने वाला राखी कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। करीब 85 कैदियों सहित अतिथियों और गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। लगभग तीन घंटे तक चले इस आयोजन में पूरा जेल परिसर भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।
सुंदरकांड और भक्ति गीतों से गूंजा जेल परिसर
जन्माष्टमी के अवसर पर अंजड़ की भजन मंडली एवं कलाकारों की टीम ने सुंदरकांड का संगीतमय पाठ प्रस्तुत किया। इसके साथ ही कलाकारों ने विभिन्न भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
श्रीराम और श्रीकृष्ण के जयकारों के बीच कैदी, अतिथि और उपस्थित नागरिक भक्ति रस में डूबे नजर आए। कार्यक्रम करीब तीन घंटे तक चला। आयोजन का संचालन सुनील शर्मा ने प्रभावी ढंग से किया।
धार्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना ही नहीं रहा, बल्कि जेल में रह रहे कैदियों के बीच सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक चेतना और सद्भाव का वातावरण तैयार करना भी रहा।
जेल अधीक्षिका ने विधायक को बांधी राखी
कार्यक्रम के दौरान भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और भारतीय संस्कृति की भावना को दर्शाने वाला भावुक क्षण भी सामने आया। सहायक जेल अधीक्षिका श्वेता मीणा ने विधायक राजकुमार मेव को राखी बांधी।
राखी बांधने के इस अवसर ने जन्माष्टमी समारोह में पारिवारिक स्नेह और सामाजिक आत्मीयता का संदेश जोड़ा। उपस्थित लोगों ने इस भावपूर्ण क्षण को भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा से जोड़कर देखा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण
जन्माष्टमी के धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। विधायक राजकुमार मेव सहित कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने ऐतिहासिक जेल परिसर में पौधारोपण किया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने से आयोजन को सामाजिक सरोकार का भी स्वरूप मिला। अतिथियों ने पौधों की देखभाल और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ऐतिहासिक जेल में जन्माष्टमी का विशेष महत्व
मंडलेश्वर जेल का इतिहास लगभग 300 वर्ष पुराना बताया जाता है। यह परिसर क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है और इसके निर्माण को बाजीराव पेशवा के काल से जोड़ा जाता है।
यह जेल स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न महत्वपूर्ण दौरों की भी साक्षी रही है। विशेष रूप से वर्ष 1857 की क्रांति और 1942 के आंदोलन से इसके जुड़ाव का उल्लेख किया जाता है।
ऐसे ऐतिहासिक परिसर में जन्माष्टमी मनाए जाने का अपना अलग महत्व रहा। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा की कारागार में हुआ था। इसी कारण जेल परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन उपस्थित लोगों के लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव बन गया।
कैदियों के बीच सकारात्मकता का संदेश
कार्यक्रम में 85 कैदियों की मौजूदगी ने आयोजन को और विशेष बना दिया। भक्ति संगीत और सुंदरकांड के माध्यम से कैदियों को आध्यात्मिक वातावरण से जुड़ने का अवसर मिला।
आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। भक्ति गीतों और सामूहिक कार्यक्रम के दौरान जेल परिसर में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में सहायक जेल अधीक्षिका श्वेता मीणा, विधायक राजकुमार मेव, सतीशचंद्र मोयदे, मंडल अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र पाटीदार, व्यापारी संघ अध्यक्ष भरत राठौर सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इसके अलावा मनोज शर्मा, ब्रह्मदत्त चौहान, नितिन पाटीदार, गोलू मामा, परमानंद कर्मा, लोकेश केवट, वीरेंद्र पाटीदार, संयम जैन सहित अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेश
मंडलेश्वर जेल में आयोजित जन्माष्टमी समारोह की खासियत यह रही कि इसमें धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश भी शामिल रहे। सुंदरकांड और भक्ति गीतों ने आध्यात्मिक वातावरण बनाया, वहीं राखी कार्यक्रम ने भाईचारे और आत्मीयता का संदेश दिया।
इसी क्रम में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूकता का संदेश दिया।
यादगार बना जन्माष्टमी समारोह
जन्माष्टमी के अवसर पर ऐतिहासिक मंडलेश्वर जेल में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यादगार रहा। करीब तीन घंटे तक चले आयोजन में भक्ति गीतों और सुंदरकांड की गूंज के बीच कैदियों और अतिथियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को श्रद्धा के साथ मनाया।
ऐतिहासिक कारागार परिसर, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, सुंदरकांड, भक्ति संगीत, राखी और वृक्षारोपण—इन सभी गतिविधियों ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का माध्यम बन सकते हैं। जन्माष्टमी का यह आयोजन मंडलेश्वर जेल के इतिहास में एक ऐसा अवसर बनकर सामने आया, जिसमें भक्ति, भाईचारा, सकारात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संगम देखने को मिला।
