CBSE का ऐतिहासिक कदम: 10वीं बोर्ड परीक्षा अब साल में दो बार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 से 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए परीक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब छात्र साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का अवसर पाएंगे।
पहली परीक्षा में कम नंबर आने या किसी विषय में कंपार्टमेंट होने की स्थिति में छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। CBSE ने 18 मार्च 2026 से सेकंड बोर्ड एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस परीक्षा के लिए छात्रों को प्रति विषय 960 रुपये की परीक्षा शुल्क देनी होगी और सिलेबस वही रहेगा जो पहली परीक्षा में था।
यह कदम नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत आया है और छात्रों को अपने अंक सुधारने या किसी विषय में सुधार करने का अधिकार प्रदान करता है।
कौन दे सकता है सेकंड बोर्ड एग्जाम?
यह परीक्षा सभी छात्रों के लिए नहीं है। इसके लिए पात्र छात्र निम्नलिखित श्रेणियों में होंगे:
- इम्प्रूवमेंट (Improvement) – जिन छात्रों ने पहली बोर्ड परीक्षा में बैठे हैं और अंक बढ़ाना चाहते हैं।
- कंपार्टमेंट (Compartment) – जिन छात्रों ने किसी एक या दो विषयों में फेल हो गए हैं।
जो छात्र पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित नहीं हुए या तीन या उससे अधिक विषयों में फेल हुए, वे सेकंड बोर्ड एग्जाम के लिए पात्र नहीं होंगे। उन्हें Essential Repeat (ER) श्रेणी में रखा जाएगा और अगले साल (फरवरी 2027) परीक्षा देनी होगी।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और शेड्यूल
सेकंड बोर्ड एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन (LOC – List of Candidates) तीन चरणों में किया जाएगा:
- फेज 1 – एडवांस रजिस्ट्रेशन: 18 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक।
- फेज 2 – पहले बोर्ड के रिजल्ट के अगले दिन से: 5 दिनों के लिए।
- फेज 3 – लेट रजिस्ट्रेशन: रिजल्ट के 7 दिन बाद लेट फीस के साथ।
छात्र खुद सीधे आवेदन नहीं कर सकते। आवेदन की पूरी प्रक्रिया संबंधित स्कूल के माध्यम से ही पूरी होगी। स्कूलों को योग्य छात्रों की सूची समय पर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
परीक्षा फीस और विषय
छात्र अधिकतम 3 विषयों में परीक्षा देकर अपने अंक सुधार सकते हैं। इसमें सामान्यत: शामिल विषय हैं:
- विज्ञान (Science)
- गणित (Mathematics)
- सामाजिक विज्ञान (Social Science)
- भाषाएँ (Languages)
प्रति विषय परीक्षा शुल्क ₹960 होगी।
सिलेबस और परीक्षा केंद्र
दूसरे बोर्ड एग्जाम का सिलेबस बिल्कुल वही रहेगा जो पहली परीक्षा में था। परीक्षा केंद्र (Exam Centre) भी वही रहेगा जो पहली बोर्ड परीक्षा में निर्धारित किया गया था।
इससे छात्रों को नए सिलेबस की तैयारी की जरूरत नहीं होगी और उन्हें पहले परीक्षा के अनुभव के आधार पर बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा।
इंटरनल असेसमेंट और प्रैक्टिकल
दूसरे बोर्ड एग्जाम में केवल थ्योरी परीक्षा आयोजित की जाएगी।
- प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के नंबर पहली परीक्षा वाले ही मान्य होंगे।
- प्रैक्टिकल एग्जाम दोबारा आयोजित नहीं किए जाएंगे।
इस नीति से यह सुनिश्चित किया गया है कि छात्रों को दोबारा थ्योरी परीक्षा देकर अंक सुधारने का अवसर मिले, लेकिन पूरी परीक्षा प्रणाली में समानता बनी रहे।
सेकंड बोर्ड एग्जाम क्यों जरूरी है?
इस कदम से छात्रों को कई फायदे मिलेंगे:
- अंक सुधार का अवसर: यदि पहली परीक्षा में अंक कम आए हैं, तो छात्र मई 2026 में दोबारा परीक्षा देकर अपने रिजल्ट को सुधार सकते हैं।
- कंपार्टमेंट से बाहर निकलने का मौका: जिन छात्रों को किसी विषय में फेल होने का डर था, अब उन्हें दोबारा प्रयास का अवसर मिलेगा।
- मानसिक दबाव कम होगा: छात्रों को केवल एक मौका नहीं बल्कि दो अवसर मिलने से तनाव और चिंता कम होगी।
- शिक्षा नीति के अनुरूप: NEP 2020 के तहत छात्रों को फ्लेक्सिबिलिटी और सुधार के अवसर देने का उद्देश्य पूरा होता है।
प्रक्रिया का महत्व
CBSE ने इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है:
- स्कूल छात्र की पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
- शुल्क का भुगतान ऑनलाइन या स्कूल के माध्यम से होगा।
- छात्रों को परीक्षा के लिए पहले से ही नोटिफिकेशन और निर्देश प्राप्त होंगे।
इस प्रकार छात्रों को किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सुझाव
- योग्य छात्र स्कूल से संपर्क करें और LOC के लिए आवेदन करें।
- परीक्षा में अधिकतम 3 विषय चुनें जिन्हें सुधारना आवश्यक हो।
- प्रैक्टिकल और इंटरनल मार्क्स को ध्यान में रखते हुए थ्योरी परीक्षा की तैयारी करें।
- परीक्षा केंद्र और टाइमिंग की जानकारी पहली परीक्षा के अनुसार ही रहेगी।
संभावित चुनौतियाँ
- मई 2026 में होने वाली परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को समय प्रबंधन करना होगा।
- पहले परीक्षा में उपस्थित हुए छात्रों को नए अंक सुधारने की सटीक योजना बनानी होगी।
- स्कूल प्रशासन और छात्रों को समय पर रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान सुनिश्चित करना होगा।
निष्कर्ष
CBSE की यह पहल छात्रों के लिए सकारात्मक और ऐतिहासिक बदलाव है।
- पहली परीक्षा में कम अंक आने पर चिंता की जरूरत नहीं।
- छात्रों को अपने अंकों में सुधार करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
- यह नीति NEP 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप छात्रों को लचीलेपन और बेहतर प्रदर्शन का मौका देती है।
छात्र और अभिभावक इस सेकंड बोर्ड एग्जाम 2026 के लिए अब तैयारी शुरू कर सकते हैं और सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे अपने अकादमिक लक्ष्यों को पूरा कर सकें।
