केंद्रीय Cabinet की बैठक: 12,236 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मिली मंजूरी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को नई प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में हुई अपनी पहली बैठक में देश के विकास और राज्यों की पहचान को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में लिए गए सभी निर्णयों की जानकारी दी। बैठक में कुल 12,236 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई, जिनमें रेलवे नेटवर्क के विस्तार, शहरी परिवहन और हवाई अड्डों के उन्नयन जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
केंद्रीय Cabinet ने यह निर्णय देश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से लिया है। रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट विस्तार के लिए किए गए इस बड़े निवेश से न केवल देश की आर्थिक विकास दर बढ़ेगी बल्कि रोजगार सृजन और राज्य-राज्य कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।
रेलवे और शहरी परिवहन में बड़े निवेश
बैठक में रेलवे नेटवर्क को मजबूती देने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए सबसे अधिक 5,236 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच माल और यात्री परिवहन में गति आएगी और रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी।
इसके अलावा, पुनरख-किऊल और गम्हरिया-चांडिल की तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए क्रमशः 2,668 करोड़ और 1,168 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। ये परियोजनाएं पूर्वी और दक्षिणी भारत के रेल नेटवर्क को मजबूत करेंगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी लाएंगी।
शहरी परिवहन के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अहमदाबाद मेट्रो के फेज 28 के विस्तार के लिए 1,067 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इससे शहर में यातायात सुगम होगा और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी।
हवाई अड्डों का उन्नयन
बैठक में विमानन क्षेत्र के विकास पर भी ध्यान दिया गया। श्रीनगर हवाई अड्डे पर नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल बनाने के लिए 1,667 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस टर्मिनल के निर्माण से यात्री सुविधाओं में सुधार होगा और हवाई मार्ग से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके अलावा, अन्य राज्यों में भी एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को प्राथमिकता दी गई।
केरल का नाम बदलकर होगा ‘केरलम’
केंद्रीय कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को मंजूरी दी। यह निर्णय राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मजबूती देने के उद्देश्य से लिया गया है। केरल विधानसभा पहले ही इस प्रस्ताव को दो बार पारित कर चुकी है और अब केंद्र की मंजूरी के बाद यह नाम आधिकारिक रूप से लागू होगा।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस फैसले पर मजाकिया अंदाज में सवाल उठाया कि अब अंग्रेजी में केरल के लोगों को क्या कहा जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि नए शब्द के लिए प्रतियोगिता आयोजित की जा सकती है। भाजपा ने भी इस निर्णय का समर्थन किया और कहा कि केरलम नाम राज्य की परंपराओं और संस्कृति को बचाने में मदद करेगा।
कृषि और किसानों के लिए महत्वपूर्ण फैसले
केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों की आर्थिक सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं को मंजूरी दी। कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया गया, जिसके लिए 430 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इससे किसानों को निश्चित आय सुनिश्चित होगी और कृषि क्षेत्र को स्थिरता मिलेगी।
केंद्रीय कैबिनेट ने यह भी फैसला किया कि दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन योजनाओं पर काम किया जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विभिन्न कृषि परियोजनाओं को लागू करने की योजना बनाई है।
ऊर्जा और पावर सेक्टर सुधार
कैबिनेट ने ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता बढ़ाने के लिए नए पावर सेक्टर रिफॉर्म्स को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य बिजली उत्पादन और वितरण प्रणाली में सुधार लाना, लागत घटाना और ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाना है। इस कदम से न केवल बिजली की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी बल्कि बिजली कंपनियों की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी बनेगी।
बैठक का ऐतिहासिक महत्व
यह बैठक नई प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में आयोजित की गई पहली कैबिनेट बैठक थी। बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और इसमें बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, कृषि और राज्यों की पहचान से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पिछली बैठक 13 फरवरी को साउथ ब्लॉक के पुराने पीएम कार्यालय में आयोजित की गई थी।
बैठक के दौरान लिए गए निर्णयों को देश के विकास और राज्यों की सांस्कृतिक पहचान दोनों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। रेलवे और शहरी परिवहन नेटवर्क के विस्तार से यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी, हवाई अड्डों का उन्नयन पर्यटन और व्यवसाय को बढ़ावा देगा, और केरलम नाम परिवर्तन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देगा।
कृषि क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य और प्रोत्साहन योजनाओं से किसानों की आय सुरक्षित होगी। ऊर्जा क्षेत्र में सुधार से बिजली की आपूर्ति और वितरण में सुधार आएगा।
निष्कर्ष
केंद्रीय कैबिनेट की इस बैठक ने देश की आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। 12,236 करोड़ रुपये के निवेश से देश के बुनियादी ढांचे, रेलवे, हवाई परिवहन और शहरी यातायात में सुधार होगा। केरलम नाम परिवर्तन से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षण मिलेगा।
कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में लिए गए निर्णय किसानों और आम नागरिकों के लिए लाभकारी होंगे। कुल मिलाकर यह बैठक भारत के विकास, राज्यों की सांस्कृतिक पहचान और आम जनता की भलाई के लिए ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
