ब्योहारी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल विरोध प्रदर्शन के तहत भारत आदिवासी पार्टी एवं आज़ाद समाज पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बंद करने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर।
ब्योहारी में भारत आदिवासी पार्टी एवं आज़ाद समाज पार्टी का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
ब्योहारी में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल विरोध प्रदर्शन
ब्योहारी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल विरोध प्रदर्शन के तहत बुधवार को शहडोल जिले के ब्योहारी में भारत आदिवासी पार्टी एवं आज़ाद समाज पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) ब्योहारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग की।
धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया, जिसमें वक्ताओं ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति पर सवाल उठाते हुए इसे आम उपभोक्ताओं के हितों के विरुद्ध बताया।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल तहसील कार्यालय पहुंचा, जहां एसडीएम ब्योहारी को महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन में कहा गया कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण किए जाने से आम नागरिकों को आर्थिक एवं तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल समाप्त करना चाहिए।
नेताओं ने सरकार के निर्णय पर उठाए सवाल
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वाहन चालकों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।नेताओं का आरोप है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से—
- वाहनों का माइलेज कम हो रहा है।
- इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।
- वाहन रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है।
- उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार को इस नीति की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
एथेनॉल मिश्रण को लेकर क्या हैं आपत्तियां
धरना-प्रदर्शन में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि आम वाहन उपभोक्ताओं से जुड़ा जनहित का विषय है।उन्होंने कहा कि यदि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण से वाहन चालकों को नुकसान हो रहा है, तो इसकी स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए और जनता के सामने पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए।पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि जनहित सर्वोपरि होना चाहिए और किसी भी नीति को लागू करने से पहले उसके प्रभावों का व्यापक मूल्यांकन आवश्यक है।
भविष्य में आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र इस विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भारत आदिवासी पार्टी एवं आज़ाद समाज पार्टी भविष्य में व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगी।कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज़ सरकार तक पहुंचाते रहेंगे।
शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में भारत आदिवासी पार्टी एवं आज़ाद समाज पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा क्षेत्रीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन एवं शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा। ज्ञापन सौंपने के बाद सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वापस लौट गए।
निष्कर्ष
ब्योहारी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल विरोध प्रदर्शन ने क्षेत्र में एथेनॉल मिश्रण नीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार से जनहित में इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है


