बस व्यवसायी के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, “terror tax” न देने पर दहशत फैलाने की कोशिश
कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिंहनिवास में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। शातिर बदमाश प्रभात रावत और उसके गिरोह द्वारा बस व्यवसायी एवं ठेकेदार जय सिंह रावत के घर पर की गई फायरिंग ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
बताया जा रहा है कि यह हमला “terror tax” वसूली से जुड़ा हुआ है, जिसमें बदमाश लंबे समय से पीड़ित से पैसे की मांग कर रहे थे। जब व्यवसायी ने इस अवैध मांग को मानने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उन्हें डराने और दबाव बनाने के लिए सीधे उनके घर पर हमला बोल दिया।
रात 11 बजे घर पर हमला, गोलियों की बौछार से दहला इलाका
घटना रविवार रात लगभग 11 बजे की बताई जा रही है, जब जय सिंह रावत अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक बदमाशों ने घर को घेर लिया और बाहर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
गोलीबारी की आवाज सुनकर परिवार के लोग घबरा गए और घर के अंदर ही छिप गए। इस दौरान जय सिंह रावत बाहर आए तो हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग की। एक गोली उनके हाथ को छूते हुए निकल गई, जिससे वे बाल-बाल बच गए। गनीमत यह रही कि कोई गंभीर चोट नहीं आई।
फायरिंग के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पूरा परिवार दहशत में आ गया।
“terror tax” न देने पर दी गई धमकी
पीड़ित जय सिंह रावत के अनुसार, आरोपी प्रभात रावत लंबे समय से उनसे अवैध रूप से “टैरर टैक्स” की मांग कर रहा था। वह अलग-अलग माध्यमों से संदेश भिजवाकर दबाव बना रहा था कि बस संचालन और ठेका कार्य से कमाई हो रही है, इसलिए हर महीने उसे पैसे दिए जाएं।
जब पीड़ित ने इस तरह की अवैध वसूली से साफ इनकार किया, तो आरोपी ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी थी। यह घटना उसी धमकी की परिणति मानी जा रही है।
पुलिस को सूचना मिलते ही आरोपी फरार
फायरिंग के दौरान जैसे ही पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, आरोपी मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने जाते समय भी हवाई फायरिंग की, जिससे इलाके में और ज्यादा दहशत फैल गई।
पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से निकल चुके थे। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया।
कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर इस मामले में बड़ा केस दर्ज किया है। प्रभात रावत, प्रमोद रावत, प्रगट रावत, रोहित धाकड़, दुष्यंत धाकड़, दीपक रावत, राजकुमार रावत, पवन रावत, अरुण रावत, रवि जाट, आदित्य उपाध्याय, अंकेश दीक्षित समेत दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पहले भी धमकी देने का रहा है इतिहास
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी प्रभात रावत का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही संदिग्ध रहा है। बताया जा रहा है कि वह इससे पहले 7 दिसंबर 2025 को पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह को फोन पर जान से मारने की धमकी दे चुका है।
इस मामले में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था और उसे गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में यह साफ है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास गंभीर है और वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है।
इलाके में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद सिंहनिवास गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों में डर है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे गिरोह और अधिक सक्रिय हो सकते हैं। खासकर व्यापारियों और ठेकेदारों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
पुलिस का बयान: जल्द होगी गिरफ्तारी
कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और सभी आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
थाना प्रभारी रोहित दुबे ने कहा कि—
“मामले में 12 नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
निष्कर्ष
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि संगठित तरीके से की गई धमकी और वसूली का मामला प्रतीत होती है। “टैरर टैक्स” जैसी अवैध मांगें न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि आम लोगों में भय का माहौल भी पैदा करती हैं।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले में जल्द बड़े खुलासे और गिरफ्तारियों की उम्मीद की जा रही है।
