महिदपुर में सामूहिक वर्षीतप आराधना जारी, 89वें उपवास के बियासने का लाभ बुरड़ परिवार ने लिया
जैन सोशल ग्रुप मेन के तत्वावधान में श्री लाल मंदिर परिसर में चल रही 14 माह की तप आराधना, अक्षय तृतीया पर होगी पूर्ण
महिदपुर। नगर की पावन धरा पर जैन समाज की आस्था, तप और साधना का विशेष संगम देखने को मिल रहा है। श्री लाल मंदिर परिसर में आयोजित ऐतिहासिक सामूहिक वर्षीतप आराधना श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ निरंतर जारी है। जैन सोशल ग्रुप मेन के तत्वावधान में जेएसजी वर्षीतप आराधना समिति महिदपुर द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में तपस्वी आराधक कठिन तपस्या के माध्यम से आत्मकल्याण और धर्म आराधना में जुटे हुए हैं।
सामूहिक वर्षीतप आराधना करीब 14 माह तक चलेगी और अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पूर्ण होगी। इस दौरान तपस्वियों की सेवा, वैयावच्च, भक्ति और धार्मिक व्यवस्थाओं में सकल श्रीसंघ के साथ जैन सोशल ग्रुप मेन एवं जेएसजी वर्षीतप आराधना समिति के सदस्य लगातार सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
शुक्रवार को वर्षीतप के 89वें उपवास के बियासने का लाभ महिदपुर के बुरड़ परिवार ने लिया। इस अवसर पर धार्मिक वातावरण के बीच तपस्वी आराधकों की अनुमोदना की गई और उनके तप की निर्विघ्न पूर्णता के लिए मंगलकामना की गई।
श्री लाल मंदिर में तप, भक्ति और सेवा का संगम
महिदपुर में आयोजित सामूहिक वर्षीतप आराधना के चलते श्री लाल मंदिर परिसर में प्रतिदिन धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। तपस्वी आराधकों की साधना के साथ उनकी सेवा के लिए समाजजन भी समर्पित भाव से अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजन से जुड़े सदस्यों के अनुसार सामूहिक वर्षीतप के दौरान व्यवस्था को इस प्रकार तैयार किया गया है कि तपस्वी आराधकों को साधना के दौरान आवश्यक सहयोग मिलता रहे। धार्मिक अनुशासन के साथ सेवा और वैयावच्च को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
वर्षीतप जैन धर्म की कठिन और विशेष तप आराधनाओं में माना जाता है। लंबे समय तक चलने वाली इस साधना में तपस्वियों के संयम और आत्मबल के साथ परिवार तथा समाज की सेवा भावना की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
14 माह की आराधना अक्षय तृतीया पर होगी पूर्ण
महिदपुर में चल रही यह वर्षीतप आराधना 14 माह की अवधि में पूर्ण होगी। इसका समापन अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर किया जाएगा। अक्षय तृतीया का जैन धर्म में वर्षीतप की पूर्णाहुति के संदर्भ में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
आयोजकों का कहना है कि सामूहिक रूप से वर्षीतप की आराधना होने से पूरे समाज में धर्म के प्रति उत्साह और तपस्वियों के प्रति सेवा एवं अनुमोदना का भाव बढ़ा है।
आराधना में सकल श्रीसंघ की ओर से भी निरंतर सहयोग दिया जा रहा है। तपस्वियों की भक्ति और सेवा के साथ आयोजन समिति की ओर से व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है।
89वें उपवास के बियासने का लाभ बुरड़ परिवार ने लिया
शुक्रवार का दिन सामूहिक वर्षीतप आराधना के लिए विशेष रहा। वर्षीतप के 89वें उपवास के बियासने का लाभ स्वर्गीय श्री बसन्तीलालजी बुरड़ एवं स्वर्गीय श्रीमती नजरबाई बुरड़ की पावन स्मृति में बुरड़ परिवार द्वारा लिया गया।
इसके साथ ही श्रीमती अंगुरबाला बुरड़ एवं श्रीमती तमन्ना बुरड़ की वर्षीतप आराधना के उपलक्ष्य में श्री विमलजी बुरड़, अशोकजी बुरड़, अरुणजी बुरड़, अंशुलजी बुरड़, नमनजी बुरड़ और वेदर्शजी बुरड़ परिवार महिदपुर ने इस धार्मिक लाभ को ग्रहण किया।
इस अवसर पर परिवार की ओर से तपस्वी आराधकों की सुख-साता पूछी गई और सभी की तपस्या निर्विघ्न एवं सकुशल पूर्ण होने की मंगलकामना की गई।
बुरड़ परिवार का किया गया बहुमान
बियासने का लाभ लेने वाले बुरड़ परिवार की जैन सोशल ग्रुप मेन महिदपुर एवं जेएसजी वर्षीतप आराधना समिति की ओर से अनुमोदना की गई। समिति के सदस्यों ने परिवार का बहुमान करते हुए धर्म आराधना और तपस्वियों की सेवा में उनके योगदान की सराहना की।
आयोजन के दौरान उपस्थित समाजजनों ने भी तपस्वियों और लाभार्थी परिवार की अनुमोदना की। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस अवसर ने समाज में सेवा, सहयोग और धर्म प्रभावना का संदेश दिया।
विमल बुरड़ ने तपस्वियों की पूछी सुख-साता
लाभार्थी परिवार की ओर से विमल बुरड़ ने सभी तपस्वी आराधकों की सुख-साता पूछी। उन्होंने मंगलकामना करते हुए कहा कि सभी आराधकों की कठिन तपस्या सकुशल और निर्विघ्न रूप से पूर्ण हो तथा भगवान आदिनाथ दादा का आशीर्वाद सदैव सभी पर बना रहे।
उन्होंने वर्षीतप आराधना समिति और इस आयोजन में निरंतर सेवा प्रदान करने वाले सभी महानुभावों के कार्यों की भी अनुमोदना की। उन्होंने कहा कि तपस्वियों की सेवा में अपना योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग सराहनीय है।
कार्यक्रम का संचालन अतुल आंचलिया द्वारा किया गया।
समिति के सदस्य लगातार दे रहे सेवा

जेएसजी वर्षीतप आराधना समिति में ग्रुप अध्यक्ष श्रीमती कविता गादिया के साथ सुनीता चोपड़ा, मनीष पगारिया, अतुल आंचलिया, इंद्र कुमार सोनी, कपिल राखेचा, शैलेश चोपड़ा, सुनील जैन, विशाल कोचर, जितेंद्र बाठिया, अंतिम पोखरना और वर्धमान गादिया सहित अन्य सदस्य व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
समिति के सदस्यों द्वारा तपस्वी आराधकों की सेवा और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार संभाला जा रहा है। समाजजनों ने समिति द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की अनुमोदना की है।
तपस्वियों की सेवा में जुटा सकल श्रीसंघ
सामूहिक वर्षीतप आराधना में जैन सोशल ग्रुप मेन और वर्षीतप आराधना समिति के साथ सकल श्रीसंघ का भी विशेष सहयोग मिल रहा है। तपस्वियों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने से लेकर धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्था तक समाजजन सहभागिता निभा रहे हैं।
श्री लाल मंदिर परिसर में चल रही यह आराधना आने वाले दिनों में भी इसी तरह जारी रहेगी। अक्षय तृतीया पर 14 माह की कठिन तपस्या की पूर्णाहुति होगी। तब तक अलग-अलग लाभार्थी परिवारों द्वारा तपस्वी आराधकों की सेवा और अनुमोदना का क्रम जारी रहेगा।
महिदपुर में आयोजित यह सामूहिक वर्षीतप आराधना जैन समाज में तप, त्याग, संयम, सेवा और सामूहिक धर्म आराधना का संदेश दे रही है। तपस्वियों की कठिन साधना के साथ समाज की सेवा भावना ने श्री लाल मंदिर परिसर को धर्ममय वातावरण से सराबोर कर दिया है।
