Bundelkhand के दो जिलों में अनोखी आईपीएस जोड़ी के चर्चे
छतरपुर में नये तेजतर्राट पुलिस कप्तान रजत सकलेचा ने संभाली कमान
घुवारा/छतरपुर (भरत सेठ घुवारा): Bundelkhand क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण जिलों में इन दिनों एक अनोखी और चर्चित आईपीएस जोड़ी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। अपने तेजतर्राट, कर्तव्यनिष्ठ और न्यायप्रिय कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा का हाल ही में मंडला से छतरपुर तबादला हुआ है। आज उन्होंने छतरपुर में औपचारिक रूप से पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण किया, जिसके साथ ही जिले में पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें और नए बदलावों की चर्चा तेज हो गई है।
पदभार ग्रहण करते ही सख्त संदेश
कार्यभार संभालते ही एसपी रजत सकलेचा ने स्पष्ट कर दिया कि जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ पहली ही बैठक में अपराध नियंत्रण, अवैध गतिविधियों पर रोक और जनसुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि छतरपुर जिले में अवैध जुआ, सट्टा, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों का कारोबार और आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी होनी चाहिए।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
एसपी रजत सकलेचा ने महिलाओं की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने महिला हेल्प डेस्क को और अधिक सक्रिय एवं संवेदनशील बनाने पर भी जोर दिया।
पुलिसिंग में अनुशासन और जवाबदेही पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिसिंग केवल कानून लागू करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जनता के विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक भी है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाएं, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी और पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

मंडला में रहा प्रभावशाली और सशक्त कार्यकाल
एसपी रजत सकलेचा इससे पूर्व नक्सल प्रभावित जिला मंडला में पदस्थ रहे हैं, जहां उन्होंने अपनी कार्यशैली से एक अलग पहचान बनाई। मंडला जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि नक्सल गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया।
उनके कार्यकाल में सामुदायिक पुलिसिंग को विशेष बढ़ावा मिला, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास की दूरी कम हुई। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच और संवाद को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने विशेष प्रयास किए।
साथ ही साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए भी उन्होंने कई प्रभावी कदम उठाए, जिससे डिजिटल अपराधों पर अंकुश लगाने में सफलता मिली। उनके कार्यों की सराहना न केवल विभागीय स्तर पर बल्कि आम जनता के बीच भी की गई।
शिक्षा और करियर का प्रेरणादायी सफर
रजत सकलेचा का जीवन संघर्ष, परिश्रम और सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय रतलाम से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012 में सिविल इंजीनियरिंग (B.E.) की परीक्षा उत्तीर्ण की।
इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा की ओर रुख किया और दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी शुरू की। कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयासों के बाद उन्होंने वर्ष 2016 में अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन हासिल किया।
उनका यह सफर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है, जो यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
छतरपुर में प्रशासनिक बदलाव की उम्मीदें
छतरपुर जिले में एसपी रजत सकलेचा के पदभार ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा है कि जिले की कानून-व्यवस्था में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी यह उम्मीद जताई जा रही है कि नए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अपराधों पर अंकुश लगेगा और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच और सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
साइबर अपराध और आधुनिक पुलिसिंग पर जोर
एसपी सकलेचा ने यह भी स्पष्ट किया कि आज के समय में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों का उपयोग बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक का उपयोग अनिवार्य है और पुलिस को डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।
आईपीएस दंपति की अनोखी पहचान
बुंदेलखंड क्षेत्र में एसपी रजत सकलेचा और उनकी पत्नी आईपीएस निवेदिता नायडू की जोड़ी विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। निवेदिता नायडू वर्तमान में पन्ना जिले की पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ हैं।
इस प्रकार एक ही समय में दो महत्वपूर्ण जिलों—छतरपुर और पन्ना—में यह आईपीएस दंपति अपनी कर्तव्यनिष्ठा, सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक दक्षता के कारण विशेष पहचान बना रहा है।
स्थानीय स्तर पर इसे एक मजबूत प्रशासनिक जोड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जनसंपर्क और सामुदायिक पुलिसिंग पर फोकस
एसपी रजत सकलेचा का मानना है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होना चाहिए। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, ताकि पुलिस और समाज के बीच संवाद और सहयोग बढ़ सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से जनता से संवाद करें और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें।
Bundelkhand में मजबूत प्रशासनिक छवि
छतरपुर और पन्ना जैसे संवेदनशील जिलों में एक साथ इस तरह की प्रशासनिक सक्रियता को लेकर यह आईपीएस जोड़ी अब पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गई है।
लोगों का मानना है कि इस जोड़ी के नेतृत्व में क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
निष्कर्ष
आईपीएस रजत सकलेचा का छतरपुर में पदभार ग्रहण करना केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि जिले में नई कार्यशैली और नई ऊर्जा की शुरुआत माना जा रहा है। उनकी सख्त, पारदर्शी और जनहितकारी कार्यशैली से जिले में कानून-व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
साथ ही उनकी पत्नी आईपीएस निवेदिता नायडू के साथ यह अनोखी जोड़ी बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।
