Bundeli bawra के ग्रैंड फिनाले में नारी शक्ति का परचम, टीकमगढ़ की सविता राज बनीं विजेता
बुंदेलखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और सुरों की परंपरा को समर्पित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच Bundeli bawraके ग्रैंड फिनाले में नारी शक्ति ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए शीर्ष तीनों स्थानों पर कब्जा जमाया। लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित निःशुल्क लोकगीत प्रतियोगिता का भव्य समापन रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में हुआ। Bundeli लोकगीतों की आत्मा, भाव और परंपरा को मंच पर सजीव करती प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कड़े मुकाबले और जजों के गहन मूल्यांकन के बाद टीकमगढ़ की सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं पन्ना की सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा की ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया। विजेता सविता राज को कुल 50 हजार रुपये मूल्य का पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसमें नकद राशि के साथ गिफ्ट हैम्पर्स और ब्रांडिंग सपोर्ट शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन का अवसर और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका भी मिलेगा।
रिकॉर्ड एंट्री और छह जिलों में ऑडिशन
Bundeli bawra के इस सीजन में लोकगायकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। झांसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड को पार करते हुए प्रतिभागियों ने अपनी गायकी से निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित किया। विभिन्न चरणों के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे में 8 और तीसरे राउंड में सर्वश्रेष्ठ 5 प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले तक पहुंचे।

मुख्य अतिथि ने बढ़ाया मान
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि छतरपुर की विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बुंदेलखंड की पहचान लोकगीतों से जुड़ी है और ऐसे मंच कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा, “इस प्रतियोगिता में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। अलग-अलग जिलों से कलाकारों की भागीदारी यह दर्शाती है कि Bundeli लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।”
विजेता की भावुक प्रतिक्रिया
विजेता बनने के बाद सविता राज ने भावुक स्वर में कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि Bundelkhand की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं यह सम्मान अपने Bundelkhand को समर्पित करती हूँ।”
वहीं उपविजेता सेजल सोनी और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली ज्योति पटेल ने भी Bundelkhand 24×7 चैनल का आभार जताते हुए कहा कि यह मंच लोकगायकों के लिए नई पहचान और सम्मान लेकर आया है।
लोकसंस्कृति को सहेजने की पहल
बुंदेलखंड 24×7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि जीत-हार से परे इस मंच पर पहुंचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। उन्होंने कहा, “लोकसंस्कृति को सहेजने का प्रयास करने वाला हर कलाकार अपने आप में विजेता है। ‘Bundeli bawra’ का उद्देश्य ही यही है कि हर प्रतिभा को सम्मान और पहचान मिले।”
चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा कि यह मंच सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि Bundelkhand की आवाज़ को सम्मान देने का सशक्त प्रयास है।
निर्णायकों ने की सराहना
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल शामिल रहे। अंकित पांडे ने कहा, “ग्रैंड फिनाले में गूंजी आवाज़ें सिर्फ सुर नहीं थीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं।” जयप्रकाश पठैरिया ने कहा कि प्रस्तुतियों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद साफ झलकती है, जबकि रोहित सिंह चंदेल ने इस आयोजन को लोकसंस्कृति को सहेजने की सशक्त कोशिश बताया।
मंच संचालन और संगीत संगत
कार्यक्रम का संचालन शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह ने किया। संगीत संगत के लिए आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें बैंजो, कीबोर्ड, ढोलक और ऑक्टापैड पर कलाकारों ने संगत निभाई। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट ने संभाली।
