पिपल्या बुजुर्ग में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से बैल की मौत, किसान ने थाने में दिया आवेदन
बैलगाड़ी पर सवार तीन लोग बाल-बाल बचे, ग्रामीणों ने लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की
पिपल्या बुजुर्ग (निप्र)। करही थाना क्षेत्र के ग्राम पिपल्या बुजुर्ग में मंगलवार शाम बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से एक किसान के बैल की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गोमती नदी के पास रास्ते पर लाइन का तार काफी समय से टूटा पड़ा था। हादसे के समय बैलगाड़ी में किसान वीरेंद्र सिन्हा, उनके बड़े भाई सुरेंद्र सिन्हा और एक मजदूर सवार थे। गनीमत रही कि बैलगाड़ी में करंट नहीं फैला और तीनों की जान बाल-बाल बच गई।
किसान ने थाने में दिया आवेदन
हादसे के बाद पीड़ित किसान वीरेंद्र सिन्हा (60), पिता सुखलाल सिन्हा, निवासी पिपल्या बुजुर्ग, अपने बड़े भाई सुरेंद्र सिन्हा के साथ करही थाने पहुंचे और थाना प्रभारी के नाम लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि वे खेत से बैलगाड़ी में कपास भरकर घर लौट रहे थे। रास्ते में टूटा पड़ा बिजली का तार उनकी नजर में नहीं आया। बैलगाड़ी के वहां से गुजरते ही बैल को जोरदार करंट लगा और वह गिर पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।
किसान ने मृत बैल की कीमत लगभग 60 हजार रुपए बताते हुए विद्युत विभाग की लापरवाही पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
आवेदन पर करही पुलिस ने रोजनामचा सांचा क्रमांक 044 दर्ज कर सउनि राजाराम शर्मा को जांच सौंपी है। मृत मवेशी प्रकरण क्रमांक 04/2026 कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों और खेतों में जर्जर तार टूटे पड़े रहने की शिकायतें पहले भी रही हैं और शिकायत करने पर भी निचले स्तर के कर्मचारी ध्यान नहीं देते। उनका आरोप है कि हादसे के बाद विभाग के अधिकारी आमतौर पर थोड़ा-बहुत मुआवजा देकर या आश्वासन देकर मामला खत्म कर देते हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि बैल की जगह किसी किसान या ग्रामीण की जान चली जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने खरगोन जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में पदस्थ जिन कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन की लापरवाही से तार सड़क पर पड़ा रहा, उन पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जर्जर तारों को तुरंत दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
स्वराज वाणी संवाददाता, जिला ब्यूरो चीफ मंडलेश्वर
