शनिवार को पीएम मोदी ने स्टेशन के निरीक्षण के साथ-साथ ट्रैक मशीन में बैठकर पूरे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का जायजा लिया। ये दौरा लगभग 35 मिनट तक चला जिसमे उन्होंने प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री ने सभी से कहा कि वे अपने अनुभवों को इस भावना के साथ दर्ज करें कि वे देश की प्रगति के लिए काम कर रहे हैं और देश को कुछ नया दे रहे हैं। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड NHSRCL ने पीएम के इस दौरे की आधिकारिक तस्वीरें और जानकारी जारी की हैं।

2015 में की थी बुलेट ट्रैन कॉरिडोर की घोषणा
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को लेकर तेजी से काम जारी है। प्रधानमंत्री ने 2015 में इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा की थी। इसकी आधारशिला 14 सितंबर 2017 को रखी गई। 508 किमी लंबी इस परियोजना में NHSRCL के अनुसार अब तक लगभग 378 किलोमीटर का पियर वर्क पूरा हो चुका है और पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 75% हिस्सा तैयार हो चुका है। परियोजना के तहत नदियों पर 24 ब्रिज बनाए जाने हैं, जिनमें से 14 छोटे पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। नर्मदा नदी पर बन रहा 1.4 किलोमीटर लंबा सबसे बड़ा पुल भी अंतिम चरण में है। सब कुछ समयसीमा के अनुसार रहा, तो 2026 के अंत तक बुलेट ट्रेन का पहला ट्रायल रन किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस ट्रेन में पहली बार अर्थक्वेक वॉर्निंग सिस्टम भी लगाया जा रहा है।
जापान से लाइ गयी गयी है 25 मीटर लंबी रेल पटरिया
गुजरात में बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का निर्माण तेजी के साथ अंतिम चरण में पहुँच गया है। गुजरात हिस्से में 348 किमी लंबे कॉरिडोर का काम महाराष्ट्र की तुलना में ज्यादा रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। दादरा और नगर हवेली के 4.3 किमी हिस्से का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। गुजरात में अब तक 272 किलोमीटर वायाडक्ट यानी एलिवेटेड सेक्शन का काम पूरा किया जा चुका है। 24 पुलों में से 14 बन चुके हैं, जबकि किम, पार और पूर्णा नदियों पर पुल तैयार हैं और तापी व माही नदियों पर काम जारी है। राज्य की 350 मीटर लंबी एकमात्र सुरंग भी पूरी हो चुकी है। सूरत और बिलिमोरा के बीच ट्रैक बिछाने का काम तेज गति से चल रहा है। जापान से लाई गई 25 मीटर लंबी रेल पटरियों को फ्लैश बट वेल्डिंग मशीन की मदद से जोड़कर 200 मीटर लंबे रेल पैनल बनाए जा रहे हैं। अब तक 298 पैनल तैयार हो चुके हैं, जो लगभग 60 किलोमीटर ट्रैक के बराबर हैं, और इन्हें लगातार ट्रैक स्लैब पर फिक्स किया जा रहा है।
