Indore में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का मामला: कागजों पर नहीं, जमीन हस्तांतरण में देरी से रुका निर्माण; कलेक्टर ने दिए कब्जा हटाने के निर्देश
Indore के खजराना क्षेत्र में प्रस्तावित 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल को लेकर उठे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। अस्पताल के निर्माण में देरी का कारण कर्मचारियों की नियुक्ति या संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग को आवंटित जमीन का वास्तविक हस्तांतरण नहीं होना बताया गया है।
सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में अस्पताल निर्माण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल के लिए भूमि आवंटित होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग को अब तक उसका भौतिक कब्जा नहीं मिल पाया है। इसी कारण अस्पताल भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
जमीन नगर निगम के उपयोग में होने से अटका मामला
जिला प्रशासन के अनुसार, ग्राम खजराना स्थित सर्वे क्रमांक 435/1/1 पैकी की करीब 0.700 हेक्टेयर भूमि को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवंटित किया गया था।
हालांकि, इस जमीन का कब्जा और हस्तांतरण अभी तक स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में उक्त भूमि का उपयोग नगर निगम द्वारा किया जा रहा है, जिसके कारण अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बैठक में निर्देश दिए कि जमीन से संबंधित कब्जे की समस्या का समाधान कर जल्द से जल्द भूमि स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सके।
87 कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी उठे थे सवाल
इस मामले में पहले यह सवाल उठे थे कि अस्पताल के लिए 100 बिस्तरों की व्यवस्था और 87 कर्मचारियों की नियुक्ति तो कर दी गई, लेकिन अस्पताल के लिए न भवन तैयार है और न ही मरीजों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इन खबरों के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अस्पताल के लिए नियुक्त मानव संसाधन का उपयोग वर्तमान में जनहित को ध्यान में रखते हुए शहर के अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में किया जा रहा है।
प्रशासन ने बताया कि डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्य सौंपा गया है। सभी कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन का भुगतान भी किया जा रहा है।
दवा और उपकरणों की नहीं हुई खरीदी
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल के नाम पर अभी तक किसी प्रकार की दवा या चिकित्सा उपकरणों की खरीद नहीं की गई है। चूंकि अस्पताल भवन का निर्माण और संचालन शुरू नहीं हुआ है, इसलिए संसाधनों की खरीदी भी नहीं की गई।
अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के लिए नियुक्त स्टाफ का उपयोग अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में किया जा रहा है, जिससे शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिल रही है।
जल्द शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
प्रशासन का कहना है कि जमीन से संबंधित समस्या का समाधान होने के बाद अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया तेज की जाएगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल के शुरू होने से खजराना और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
यह अस्पताल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां मरीजों को बेहतर इलाज, जांच सुविधाएं और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
प्रशासन ने दी पूरी जानकारी
Indore कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। प्रशासन का कहना है कि अस्पताल परियोजना को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
जिला प्रशासन ने यह भी कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई थी, जिसे दूर कर दिया गया है। सभी नियुक्त कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर सेवाएं दे रहे हैं और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में उनका उपयोग किया जा रहा है।
अब निगाहें जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने और अस्पताल निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हैं। प्रशासन के प्रयास हैं कि जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना को धरातल पर उतारा जा सके।
