Budhni में दर्दनाक सड़क हादसा: धान रोपाई के लिए जा रही ओवरलोड पिकअप पलटी, महिला मजदूर की मौत, 30 से अधिक घायल
संवाददाता: विकास सैनी
भैसान गांव के पास हुआ बड़ा हादसा
मध्य प्रदेश के Budhni विधानसभा क्षेत्र के भैसान गांव के पास मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धान रोपाई के लिए मजदूरों को लेकर जा रही एक मालवाहक पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि एक महिला मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में कई महिलाओं, बच्चों और नाबालिगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया।
धान रोपाई के लिए जा रहे थे मजदूर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में क्षमता से कहीं अधिक मजदूर सवार थे। सभी मजदूर धान रोपाई के कार्य के लिए खेतों की ओर जा रहे थे। वाहन में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि अधिक भार होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और पिकअप बीच रास्ते में पलट गई। हादसे के बाद वाहन में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई।
एक महिला की मौत, कई की हालत गंभीर
हादसे में एक महिला मजदूर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रहटी, बुधनी, भेरूंदा और भोपाल के सिविल अस्पताल रेफर किया गया है।
डॉक्टरों की टीम सभी घायलों का उपचार कर रही है। प्रशासन की ओर से घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
राहत एवं बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
ओवरलोडिंग पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर मालवाहक वाहनों में मजदूरों को ओवरलोड करके ले जाने की समस्या चर्चा में आ गई है। धान रोपाई के मौसम में अक्सर मजदूरों को क्षमता से अधिक संख्या में पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों में बैठाकर खेतों तक पहुंचाया जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे वाहन रोजाना सड़कों पर दौड़ते हैं, लेकिन इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
हादसे के बाद लोगों ने परिवहन विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर वर्ष खेती के मौसम में ओवरलोड वाहनों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं होने से ऐसे हादसे लगातार सामने आते हैं।
लोगों ने मांग की है कि मालवाहक वाहनों में यात्रियों के परिवहन पर सख्ती से रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों तक मजदूरों को ले जाने के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ओवरलोडिंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाए जाने चाहिए।
जांच शुरू
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, परिवहन नियमों के पालन और मजदूरों के सुरक्षित आवागमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी।
