खेत में टूटी एलटी लाइन की चपेट में आया किसान, करंट लगने से मौत
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को पूर्व सूचना देने का दावा किया, हादसे के बाद लाइन की मरम्मत में देरी को लेकर उठे सवाल
Satna /रामपुर बाघेलान। ग्राम रिमार में रविवार दोपहर खेत में खाद डालने गए 40 वर्षीय किसान रमेश शुक्ला की विद्युत करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि खेत में कई दिनों से टूटी पड़ी एलटी विद्युत लाइन जमीन पर गिरी हुई थी। इसी दौरान किसान का पैर विद्युत तार के संपर्क में आ गया और करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम रिमार निवासी रमेश शुक्ला पिता कमला प्रसाद शुक्ला रविवार दोपहर अपने धान के खेत में खाद डालने गए थे। इसी दौरान जमीन पर पड़ी टूटी विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। करंट प्रवाहित होने के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने विभाग को सूचना देने का किया दावा
हादसे के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि एलटी लाइन टूटने की जानकारी पहले ही विद्युत विभाग को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के आसपास टूटी विद्युत लाइन का लंबे समय तक जमीन पर पड़े रहना गंभीर खतरा बना हुआ था। उनका आरोप है कि यदि समय रहते लाइन को दुरुस्त कर दिया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, विद्युत विभाग को सूचना दिए जाने और मरम्मत में देरी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलते ही बेला चौकी प्रभारी रंजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बाघेलान भेज दिया।
पुलिस द्वारा घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि विद्युत लाइन कब टूटी थी, इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी गई थी या नहीं और हादसे के समय लाइन में करंट कैसे प्रवाहित हो रहा था।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में जर्जर एवं टूटी विद्युत लाइनों की नियमित जांच तथा समय पर मरम्मत की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की खुली लाइनें लोगों और पशुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
