BREAKING NEWS : चीन ने भारतीय कारोबारियों के लिए सख्त किए बिजनेस वीजा नियम, कंपनियों की बढ़ी मुश्किलें
राहुल गांधी पहुंचे संसद मार्ग थाना, पैलेट गन मामले में FIR की मांग
प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग का मुद्दा उठा
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग की घटना को गंभीर बताते हुए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की जांच की मांग की।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
राहुल गांधी के थाने पहुंचने के बाद वहां राजनीतिक हलचल बढ़ गई। इस दौरान कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए।
पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की मांग
कांग्रेस की ओर से मांग की गई है कि पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाए। पार्टी का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। मामले में पुलिस की ओर से दर्ज शिकायत और आगे होने वाली जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
जयपुर में सरकारी स्कूल को लेकर हंगामा, CJP कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप
स्कूल निरीक्षण के दौरान शुरू हुआ विवाद
जयपुर। राजस्थान के जयपुर जिले के बगरू इलाके में रामपुरा-कंवरपुरा गांव स्थित सरकारी स्कूल को लेकर शुक्रवार को हंगामा हो गया। CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत कार्यकर्ताओं की टीम स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची थी। टीम के गांव में पहुंचते ही कुछ ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा।
आशुतोष रांका के पहुंचने के बाद बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद CJP नेता एवं प्रवक्ता आशुतोष रांका भी मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने पर ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद मामला धक्का-मुक्की और कथित मारपीट तक पहुंच गया।
कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर खदेड़ने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हंगामे के दौरान CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उन्हें गांव से बाहर खदेड़ दिया गया। इस दौरान कुछ वाहनों के शीशे टूटने की बात भी सामने आई है।
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम पर भाजपा से जुड़े लोगों ने हमला किया और वाहनों में तोड़फोड़ की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत पहुंचे थे कार्यकर्ता
CJP की ओर से चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेना और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। इसी अभियान के तहत कार्यकर्ता रामपुरा-कंवरपुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल पहुंचे थे।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनने की बात सामने आई है। विवाद के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
चीन ने भारतीयों के लिए सख्त किए बिजनेस वीजा नियम, कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें
भारतीय कारोबारियों और प्रोफेशनल्स की बढ़ी परेशानी
नई दिल्ली। चीन जाने वाले भारतीय कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए बिजनेस वीजा हासिल करना पहले की तुलना में अधिक मुश्किल होने की खबर सामने आई है। हाल के महीनों में भारतीय आवेदकों के वीजा आवेदन बड़ी संख्या में खारिज होने की बात कही जा रही है।
इसका असर उन भारतीय कंपनियों और प्रोफेशनल्स पर पड़ रहा है, जिनका कारोबार चीन से जुड़ा हुआ है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रभावित
वीजा नियमों में सख्ती का असर खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। चीन में होने वाली कारोबारी बैठकों, सप्लायर मीटिंग्स और जरूरी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कंपनियों को अब अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है।
थाईलैंड और सिंगापुर बन रहे वैकल्पिक स्थान
बिजनेस वीजा हासिल करने में आ रही मुश्किलों के चलते कुछ कंपनियां चीन में होने वाली बैठकों के लिए थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों को वैकल्पिक स्थान के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं। इससे कारोबारी यात्राओं में अतिरिक्त समय और खर्च बढ़ सकता है।
दोबारा आवेदन के बाद भी गारंटी नहीं
कई भारतीय आवेदकों के लिए दोबारा आवेदन करने के बाद भी वीजा मिलने की गारंटी नहीं होने की बात सामने आई है। चीन में काम करने वाली भारतीय कंपनियों और चीनी कंपनियों में कार्यरत भारतीय प्रोफेशनल्स को भी वीजा प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, वीजा अस्वीकृति से जुड़े आंकड़ों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में अस्वीकृति दर बेहद अधिक होने की बात कही गई है, जबकि कुछ मामलों में आवेदन मंजूर होने की अलग दर बताई गई है। इसलिए अंतिम स्थिति आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।
भारत-चीन कारोबार पर पड़ सकता है असर
यदि वीजा संबंधी सख्ती लंबे समय तक जारी रहती है, तो इसका असर भारत और चीन के बीच कारोबारी गतिविधियों पर पड़ सकता है। चीन से जुड़े कारोबार में कंपनियों को उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण, सप्लायर से बातचीत, तकनीकी चर्चा और व्यक्तिगत बैठकों की आवश्यकता होती है।
यात्रा में बाधा आने पर कंपनियों को ऑनलाइन बैठकों या तीसरे देशों में बैठक आयोजित करने जैसे विकल्प अपनाने पड़ सकते हैं। इससे व्यापारिक प्रक्रिया अधिक महंगी और समय लेने वाली हो सकती है।
कंपनियों को अपनानी पड़ रही वैकल्पिक रणनीति
बिजनेस वीजा में लगातार मुश्किलें बनी रहने की स्थिति में भारतीय कंपनियों को अपनी चीन संबंधी कारोबारी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में बैठकें आयोजित करना फिलहाल एक वैकल्पिक रास्ता बन रहा है।
आने वाले समय में चीन की वीजा नीति में कोई बदलाव होता है या नहीं, इस पर भारतीय कारोबारी समुदाय की नजर रहेगी। यदि नियमों में राहत मिलती है तो व्यापारिक यात्राएं सामान्य हो सकती हैं, लेकिन सख्ती जारी रहने पर कंपनियों के सामने अतिरिक्त खर्च और लॉजिस्टिक चुनौतियां बनी रह सकती हैं।
