ब्रह्माकुमारीज़ स्पार्क विंग योग तपस्या कार्यक्रम Indore में दो दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लगभग 1000 भाई-बहनों ने भाग लिया। ब्रह्माकुमार श्रीकांत भाई, ब्रह्माकुमार संजय भाई, ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी एवं अन्य वक्ताओं ने राजयोग, तनावमुक्त जीवन और लक्ष्य पर केंद्रित रहने का संदेश दिया।
ब्रह्माकुमारीज़ स्पार्क विंग योग तपस्या कार्यक्रम Indore : 1000 साधकों ने लिया राजयोग का अनुभव, सफलता के लिए लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश
रिपोर्ट: ब्रह्माकुमारी अनीता | Indore
इंदौर, 7 जुलाई। ब्रह्माकुमारीज़ स्पार्क विंग योग तपस्या कार्यक्रम Indore के अंतर्गत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्पार्क विंग (Spiritual Application and Research Centre) द्वारा क्षेत्रीय मुख्यालय ज्ञानशिखर में दो दिवसीय योग तपस्या कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में लगभग 1000 भाई-बहनों ने भाग लेकर राजयोग मेडिटेशन एवं आध्यात्मिक साधना का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में मानसिक शांति, सकारात्मक सोच, तनावमुक्त जीवन तथा आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश देना रहा। विभिन्न वक्ताओं ने आधुनिक जीवन में बढ़ते तनाव, मानसिक चुनौतियों तथा राजयोग मेडिटेशन की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
ब्रह्माकुमारीज़ स्पार्क विंग योग तपस्या कार्यक्रम Indore का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर माउंट आबू से पधारे स्पार्क विंग के नेशनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमार श्रीकांत भाई, मुख्यालय कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमार संजय भाई, क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, पुणे से आए स्कोडा कंपनी के ट्रेनिंग सेक्शन के जनरल मैनेजर मुकुल चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाईयों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
स्पार्क विंग की गतिविधियों की दी जानकारी
अपने संबोधन में ब्रह्माकुमार श्रीकांत भाई ने कहा कि स्पार्क विंग का उद्देश्य ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग मेडिटेशन को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ समाज तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति अपने संस्कारों में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास द्वारा—
- मन को शांत किया जा सकता है।
- दूसरों के मन पर सकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है।
- प्रकृति को भी सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की जा सकती है।
- मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है।
उन्होंने विशेष योग कमेंट्री के माध्यम से सभी साधकों को गहन राजयोग का अनुभव भी कराया।
वैज्ञानिक शोध में भी सिद्ध हो चुका है राजयोग मेडिटेशन
Indore ब्रह्माकुमार श्रीकांत भाई ने बताया कि देश के अनेक अस्पतालों तथा शोध संस्थानों में राजयोग मेडिटेशन पर सफल वैज्ञानिक प्रयोग किए जा चुके हैं।इन शोधों में पाया गया कि—
- मरीजों की रिकवरी में सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
- तनाव और चिंता में कमी आई।
- मानसिक संतुलन बेहतर हुआ।
- सकारात्मक विचारों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
उन्होंने कहा कि स्पार्क विंग का उद्देश्य विज्ञान और अध्यात्म के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य पर रखें पूरा ध्यान
स्पार्क विंग के मुख्यालय कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमार संजय भाई ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है। पहले केवल परिवार के बड़े सदस्य तनाव का सामना करते थे, लेकिन आज छोटे बच्चे भी तनावग्रस्त दिखाई देते हैं।उन्होंने कहा—
“आज का युवा सबसे अधिक मानसिक तनाव से गुजर रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण मन की कमजोरी और अनावश्यक विचारों का बढ़ना है।”
उन्होंने कहा कि मन में लगातार चलने वाले व्यर्थ विचार व्यक्ति की मानसिक शक्ति को कमजोर कर देते हैं।उन्होंने सभी को सलाह देते हुए कहा कि—
- जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें।
- अनावश्यक सूचनाओं से दूरी बनाएं।
- अपने उद्देश्य पर लगातार ध्यान बनाए रखें।
- सकारात्मक सोच विकसित करें।
- राजयोग मेडिटेशन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
युवाओं में बढ़ रहा तनाव चिंता का विषय
ब्रह्माकुमार संजय भाई ने कहा कि आज छोटी-छोटी समस्याओं के कारण भी लोग निराश हो जाते हैं।उन्होंने कहा कि—
- मानसिक दृढ़ता विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
- आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मन को शक्तिशाली बनाना होगा।
- राजयोग मेडिटेशन मानसिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है।
विश्वविद्यालयों के साथ हो रहे महत्वपूर्ण शोध
कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि स्पार्क विंग देश-विदेश के अनेक विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के साथ मिलकर आध्यात्मिक शोध कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि इन शोधों के सकारात्मक परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं और राजयोग मेडिटेशन को वैज्ञानिक स्तर पर भी स्वीकार्यता मिल रही है।
प्रभु रतन प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील
पुणे से पधारे स्कोडा कंपनी के ट्रेनिंग सेक्शन के जनरल मैनेजर मुकुल चौधरी ने राजयोग मेडिटेशन के विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने कहा कि—
“अपने जीवन के उद्देश्य को बार-बार याद करना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।”
उन्होंने स्पार्क विंग द्वारा आयोजित ‘प्रभु रतन’ प्रतियोगिता की जानकारी देते हुए सभी प्रतिभागियों से अधिक से अधिक संख्या में इसमें भाग लेने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
- कुमारी आराध्या ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
- ब्रह्माकुमारी आकांक्षा बहन ने मधुर आध्यात्मिक गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में ये रहे विशेष रूप से उपस्थित
कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी बहनों एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।इनमें प्रमुख रूप से—
- ब्रह्माकुमार श्रीकांत भाई
- ब्रह्माकुमार संजय भाई
- ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी
- मुकुल चौधरी
- ब्रह्माकुमारी करुणा दीदी (शक्तिनिकेतन संचालिका)
- ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी (कालानी नगर क्षेत्र संचालिका)
- ब्रह्माकुमारी ममता दीदी (सुभाष नगर क्षेत्र संचालिका)
- ब्रह्माकुमारी अनीता दीदी
- ब्रह्माकुमारी उषा दीदी
- ब्रह्माकुमारी मीतू दीदी
विशेष रूप से उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
ब्रह्माकुमारीज़ स्पार्क विंग योग तपस्या कार्यक्रम Indore ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आत्मिक शक्ति अत्यंत आवश्यक है। राजयोग मेडिटेशन न केवल व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है बल्कि परिवार, समाज और प्रकृति तक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।लगभग 1000 साधकों की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि आध्यात्मिक जागरूकता के प्रति समाज का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और ऐसे कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य एवं सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



