भिलाई में नशा मुक्त भारत अभियान: स्कूलों में विद्यार्थियों-शिक्षकों ने ली नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा, ब्रह्माकुमारीज़ चला रही जागरूकता महाअभियान
भिलाई अंचल के स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं में लगातार हो रहे कार्यक्रम; राजयोगिनी आशा दीदी बोलीं- नशा छोड़ने का दृढ़ संकल्प ही मुक्ति की दिशा में पहला कदम
भिलाई, 1 सितंबर 2026। नशे के खिलाफ समाज में जागरूकता बढ़ाने और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से भिलाई अंचल में व्यापक स्तर पर नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। संस्था के ’10 करोड़ नशा मुक्ति महाअभियान’ के तहत विभिन्न स्कूलों, महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और अन्य स्थानों पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशा मुक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश देने के साथ नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा भी दिलाई जा रही है। कार्यक्रमों में नशे से व्यक्ति के जीवन, परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
विद्यार्थियों को बताया नशे से दूर रहने का महत्व


ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में विशेष रूप से विद्यार्थियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य युवा अवस्था में ही बच्चों और युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रमों में बताया जा रहा है कि नशे की आदत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ उसके पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को भी प्रभावित कर सकती है। विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, अच्छी संगति और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने की प्रतिज्ञा ली।
भिलाई अंचल के अनेक स्कूलों तक पहुंचा अभियान
नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत भिलाई अंचल के बड़ी संख्या में शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
इनमें कृष्णा पब्लिक स्कूल कुटेलाभाटा, शासकीय हाई स्कूल कृष्णा नगर, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मॉडल टाउन, शासकीय आत्मानंद पूर्व माध्यमिक शाला फरीदनगर, अभिनंदन योग समिति, स्वामी आत्मानंद हिंदी एवं इंग्लिश हाई स्कूल खमरिया और गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज कचांदुर शामिल हैं।
इसके अलावा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशाली नगर, फिजिक्स विद्यापीठ, संकल्प योग समिति, बीएनएस इंग्लिश मीडियम स्कूल सेक्टर-8, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोडिया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहेरी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ननकटी और प्रोन्नत पूर्व माध्यमिक शाला झुग्गीपारा में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सुपेला, रिसाली, उतई सहित कई क्षेत्रों में कार्यक्रम


अभियान को केवल भिलाई शहर तक सीमित न रखते हुए आसपास के क्षेत्रों के विद्यालयों तक भी पहुंचाया जा रहा है।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला धनोरा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रूआबांधा, इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर, स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल सेक्टर-6, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मुक्तिधाम रामनगर और स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट एक्सीलेंस हिंदी मीडियम स्कूल जेवरा सिरसा में भी नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम हुए।
इसी क्रम में स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट उत्कृष्ट हिंदी मीडियम स्कूल सेक्टर-7, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कचांदुर, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला समोदा, स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट स्कूल रिसाली, शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला वैशाली नगर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुपेला, स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल रिसाली, कृष्णा पब्लिक स्कूल उतई और स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल उतई सहित कई संस्थानों को अभियान से जोड़ा गया।
‘नशा छोड़ने का संकल्प ही पहला कदम’
भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने नशामुक्त जीवन के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति का पहला संकल्प ही उससे मुक्त होने की दिशा में पहला कदम है। यदि व्यक्ति दृढ़ निश्चय के साथ प्रयास करे और धीरे-धीरे राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास तथा श्रेष्ठ संगति अपनाए तो नशे जैसी बुरी आदतों से स्वयं को मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने युवाओं से अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और ऐसी आदतों से दूर रहने का आह्वान किया, जो उनके स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
पर्वों के सकारात्मक वातावरण में लें नशा मुक्ति का संकल्प

आशा दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे पवित्र पर्व व्यक्ति को सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे सात्विक और सकारात्मक वातावरण में नशा छोड़ने का संकल्प और मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दृढ़ संकल्प के साथ अभी से नशा छोड़ने की दिशा में प्रयास शुरू करे तो विजयादशमी तक स्वयं को नशे से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर सकता है और सच्चे अर्थों में अपनी बुरी आदतों पर विजय का पर्व मना सकता है।
6 करोड़ से अधिक नशा मुक्ति प्रतिज्ञाएं कराने का दावा
ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ’10 करोड़ नशा मुक्ति महाअभियान’ के तहत अब तक देशभर में 6 करोड़ से अधिक नशा मुक्ति प्रतिज्ञाएं कराई जा चुकी हैं।
संस्था का कहना है कि स्कूलों और महाविद्यालयों के साथ सामाजिक संस्थाओं और प्रशासनिक कार्यालयों में भी नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अभियान का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक नशामुक्त जीवन का संदेश पहुंचाना और समाज में नशे के खिलाफ सामूहिक जागरूकता विकसित करना है।
ब्रह्माकुमारी बहनें संभाल रहीं जागरूकता की कमान
भिलाई अंचल में अभियान को आगे बढ़ाने में ब्रह्माकुमारी प्रीति दीदी, पूजा दीदी, इंद्राणी दीदी, मयंक दीदी, शांति दीदी, सुमन दीदी और गायत्री दीदी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
इनके द्वारा अलग-अलग विद्यालयों और संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्था ने बताया कि आने वाले दिनों में भी अभियान को लगातार जारी रखा जाएगा और अधिक शैक्षणिक तथा सामाजिक संस्थानों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने की अभियान की सराहना
विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान की सराहना करते हुए इसे वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।
शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों को कम उम्र से ही नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करना समाज के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में लगातार कार्यक्रम आयोजित करने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
ब्रह्माकुमारीज़ के अनुसार भिलाई अंचल में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे और विद्यार्थियों, युवाओं तथा समाज के अन्य वर्गों को नशा मुक्त भारत के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
