इंदौर में BJYM जिला अध्यक्ष चयन को लेकर संगठन में घमासान, तीन नामों की पैनल तैयार,
प्रस्तावना
इंदौर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। प्रदेश संगठन द्वारा संगठनात्मक नियुक्तियों पर सख्ती बढ़ाए जाने के बाद इंदौर भाजपा इकाई में भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। युवा मोर्चा के नए जिला अध्यक्ष के चयन के लिए नगर भाजपा ने संभावित दावेदारों की तीन नामों की पैनल तैयार कर ली है, जिसे अब प्रदेश संगठन के समक्ष रखा जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया को लेकर पार्टी के भीतर सक्रियता बढ़ गई है और अलग-अलग स्तर पर रणनीति और लॉबिंग भी तेज हो गई है।
तीन नामों की पैनल तैयार, अंतिम मंजूरी पर नजर
नगर भाजपा द्वारा तैयार की गई पैनल में तीन प्रमुख नाम शामिल किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- अक्षांशु तिवारी
- अमित पालीवाल
- मयूरेश पिंगले
इन तीनों नामों को फिलहाल संगठनात्मक मापदंडों के आधार पर सबसे उपयुक्त माना गया है। हालांकि इनमें से अक्षांशु तिवारी का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार, यह पैनल 13 जून को होने वाली कोर कमेटी की बैठक में रखा जाएगा, जहां इस पर विस्तृत चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और फिर प्रदेश संगठन को भेजा जाएगा।
अक्षांशु तिवारी सबसे मजबूत दावेदार
अक्षांशु तिवारी को इस रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। वे वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं और लंबे समय से युवा मोर्चा संगठन से जुड़े हुए हैं। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी और अनुभव को उनके पक्ष में एक बड़ा प्लस प्वाइंट माना जा रहा है।
इसके अलावा उनका संघ (RSS) से जुड़ा पुराना अनुभव भी उनकी दावेदारी को मजबूत बनाता है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक अनुशासन और सक्रियता के कारण उनका नाम शीर्ष पर रखा गया है।
अमित पालीवाल और मयूरेश पिंगले भी दौड़ में शामिल
अक्षांशु तिवारी के अलावा अमित पालीवाल और मयूरेश पिंगले का नाम भी पैनल में शामिल किया गया है।
अमित पालीवाल वर्तमान में संगठन के उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। वे लगातार संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बनाए रखते हैं।
वहीं मयूरेश पिंगले को स्थानीय स्तर पर समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है। बताया जाता है कि उन्हें विधायक मालिनी गौड़ का समर्थन भी प्राप्त है, जिससे उनकी स्थिति भी मजबूत बनी हुई है।

प्रदेश संगठन की सख्ती से बदला समीकरण
इस बार प्रदेश भाजपा संगठन ने नियुक्तियों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खासकर युवा मोर्चा जैसे प्रकोष्ठों में उम्र सीमा को लेकर स्पष्ट नियम लागू किए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार:
- केवल 35 वर्ष से कम उम्र के कार्यकर्ताओं के नाम ही पैनल में शामिल किए जाएंगे
- संगठनात्मक अनुशासन और सक्रियता को प्राथमिकता दी जाएगी
- वरिष्ठ या उम्रदराज नेताओं को इस रेस से बाहर रखा जाएगा
इस सख्ती के कारण कई मजबूत और अनुभवी दावेदारों के नाम स्वतः ही सूची से बाहर हो गए हैं।
कई दिग्गज नेता रेस से बाहर
उम्र सीमा और संगठनात्मक पुनर्गठन के चलते इस बार कई प्रमुख चेहरे दौड़ से बाहर हो गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- सौगात मिश्रा
- धीरज ठाकुर
- रोहित चौधरी
- निक्की राय
- अक्षय चौधरी (उम्र सीमा पर सवाल)
- जय राजदेव
इसके अलावा अमन यादव, नयन दुबे और भावेश दवे जैसे नेताओं को प्रदेश स्तर पर अन्य जिम्मेदारियां मिलने के कारण इस दौड़ से बाहर माना जा रहा है।
इन नामों के बाहर होने से संगठनात्मक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं और नए चेहरों के लिए रास्ता खुल गया है।
13 जून की कोर कमेटी बैठक पर नजर
इस पूरे मामले में 13 जून को होने वाली कोर कमेटी की बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी बैठक में तीन नामों की पैनल पर चर्चा होगी और अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद यह पैनल प्रदेश संगठन को भेजी जाएगी, जहां से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इंदौर भाजयुमो जिला अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संगठनात्मक मापदंडों के आधार पर होगी।
संगठन में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
जैसे-जैसे नियुक्ति की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे संगठन के भीतर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं। संभावित उम्मीदवार अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।
कार्यकर्ताओं के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा है कि इस बार चयन पूरी तरह प्रदर्शन, संगठनात्मक जुड़ाव और उम्र सीमा के आधार पर होगा।
साइकिल रैली को लेकर अंदरूनी मतभेद
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के 15 जून को इंदौर दौरे को लेकर भी संगठन में तैयारियां चल रही हैं। इस दौरान साइकिल रैली निकालने का प्रस्ताव सामने आया है, लेकिन इस पर संगठन में मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
कुछ नेता बड़े स्तर पर रैली और स्वागत कार्यक्रमों के पक्ष में हैं, जबकि नगर भाजपा नेतृत्व का मानना है कि होर्डिंग, पोस्टर और बड़े मंचीय आयोजनों को सीमित रखा जाए।
इस मुद्दे पर एक अहम बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें अंतिम रणनीति तय की जाएगी।
संगठनात्मक अनुशासन पर जोर
इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा संगठन का फोकस अनुशासन और पारदर्शिता पर दिखाई दे रहा है। वरिष्ठ नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि युवा मोर्चा में नेतृत्व चयन पूरी तरह संगठनात्मक योग्यता के आधार पर हो, न कि केवल राजनीतिक दबाव या व्यक्तिगत समीकरणों के आधार पर।
निष्कर्ष
इंदौर में भाजयुमो जिला अध्यक्ष चयन को लेकर स्थिति बेहद दिलचस्प बनी हुई है। तीन नामों की पैनल तैयार हो चुकी है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। प्रदेश संगठन की सख्ती, उम्र सीमा नियम और आंतरिक राजनीतिक समीकरणों ने इस चयन प्रक्रिया को और भी जटिल बना दिया है।
अब सभी की निगाहें 13 जून की कोर कमेटी बैठक और उसके बाद आने वाले अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इंदौर भाजयुमो की कमान किस युवा चेहरे को सौंपी जाती है और संगठन किस दिशा में आगे बढ़ता है।
