सोशल मीडिया पोस्ट पड़ी भारी, BJP ने देवेंद्र कटारे को जिला कार्यालय मंत्री पद से हटाया
मध्यप्रदेश के सागर जिले में भारतीय जनता पार्टी BJP के एक नेता को सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करना महंगा पड़ गया। पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में देवेंद्र कटारे को जिला कार्यालय मंत्री के पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई भाजपा संगठन की ओर से जारी आदेश के बाद की गई, जिसके बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस मामले की काफी चर्चा हो रही है।
दरअसल, हाल ही में सागर जिले में भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी। 1 मार्च को घोषित इस 35 सदस्यीय कार्यकारिणी में देवेंद्र कटारे को जिला कार्यालय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। यह पद संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें पार्टी के प्रशासनिक और समन्वय से जुड़े कई काम शामिल होते हैं।
लेकिन पद मिलने के बावजूद देवेंद्र कटारे ने सोशल मीडिया पर पार्टी के फैसले को लेकर असंतोष जाहिर कर दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसे पोस्ट साझा किए, जिन्हें पार्टी नेतृत्व ने संगठन के खिलाफ माना।
सोशल मीडिया पोस्ट से खड़ा हुआ विवाद
कार्यकारिणी की घोषणा के बाद देवेंद्र कटारे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि वह पार्टी के निर्णय से पूरी तरह निराश और असंतुष्ट हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि “मैं पार्टी के निर्णय से पूर्णतः निराश और असंतुष्ट हूं, मुझे किसी प्रकार की शुभकामनाएं न दें।”
इसके अलावा उन्होंने एक अन्य पोस्ट में संगठन को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “आज फिर चमचों-चापलूसों की जीत हो गई, संगठन की तीसरी आंख फूट गई।”
उनके इन पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में हलचल मच गई। कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इन टिप्पणियों को पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया।
BJP पार्टी संगठन ने लिया मामले को गंभीरता से
सोशल मीडिया पर किए गए इन पोस्ट के बाद भाजपा संठन ने मामले को गंभीरता से लिया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे अनुशासनहीनता माना और देवेंद्र कटारे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
नोटिस में उनसे पूछा गया कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से संगठन और पार्टी के निर्णयों पर आपत्तिजनक टिप्पणी क्यों की। साथ ही उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया।
देवेंद्र कटारे ने नोटिस का जवाब दिया, लेकिन पार्टी नेतृत्व को उनका जवाब संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद संगठन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
जिला अध्यक्ष ने जारी किया आदेश
प्रदेश संगठन के निर्देश के बाद भाजपा के सागर जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने आधिकारिक आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि देवेंद्र कटारे को तत्काल प्रभाव से जिला कार्यालय मंत्री के पद से मुक्त किया जाता है।
पार्टी की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पद के प्रति अरुचि जताना और संगठन की रीति-नीति के खिलाफ टिप्पणी करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
इसी आधार पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई।
अनुशासन को लेकर सख्त रुख
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई के जरिए भाजपा संगठन ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी के फैसलों के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर टिप्पणी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक दलों में संगठनात्मक अनुशासन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर जब कोई नेता पार्टी के पद पर होता है, तो उससे अपेक्षा की जाती है कि वह संगठन की मर्यादा और निर्णयों का सम्मान करे।
ऐसे में सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से असंतोष जताना कई बार पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर देता है।
सोशल मीडिया बना नई चुनौती
वर्तमान समय में सोशल मीडिया नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए अपनी बात रखने का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। लेकिन कई बार यही मंच विवाद और कार्रवाई की वजह भी बन जाता है।
राजनीतिक दल अपने नेताओं को अक्सर सलाह देते हैं कि वे सोशल मीडिया पर संगठन या पार्टी के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से बचें।
सागर में देवेंद्र कटारे के मामले में भी यही स्थिति सामने आई है, जहां सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के कारण उन्हें अपने पद से हाथ धोना पड़ा।
स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सागर जिले की स्थानीय राजनीति में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
कई लोग इसे संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की कार्रवाई मान रहे हैं, तो कुछ इसे सोशल मीडिया के दौर में नेताओं के लिए एक सीख के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल भाजपा संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी की रीति-नीति और अनुशासन के खिलाफ जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।
