इस महीने बिटकॉइन 21% से ज्यादा गिर गया है, जो पिछले तीन साल में सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। इससे पहले इतनी तेज गिरावट जून 2022 में दर्ज की गई थी। इस गिरावट ने निवेशकों के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं कि बिटकॉइन क्यों गिर रहा है और क्या अब क्रिप्टो मार्केट में तेजी आएगी या बिटकॉइन का दौर खत्म हो गया है।
बिटकॉइन गिरने के कारण :
विशेषज्ञ बिटकॉइन की गिरावट के कई कारण बता रहे हैं, जो सिर्फ मुनाफावसूली तक सीमित नहीं हैं। मुख्य कारण हैं:
-
ब्याज दर कटौती की उम्मीद कम होना
अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों की वजह से फेडरल रिजर्व से रेट कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं। उच्च ब्याज दरों के कारण निवेशक बिटकॉइन जैसे अस्थिर एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों में निवेश कर रहे हैं। -
अमेरिकी डॉलर की मजबूती
डॉलर मजबूत होने से बिटकॉइन पर नकारात्मक असर पड़ता है। जब डॉलर की ताकत बढ़ती है, तो निवेशक बिटकॉइन से पैसा निकालते हैं। 
-
ETF से पैसा निकलना
बिटकॉइन के गिरने के दौरान निवेशक बिटकॉइन ETF से भी बड़े पैमाने पर पैसा निकाल रहे हैं, जिससे इसमें इनफ्लो कम हो गया है। -
सेलिंग और प्रॉफिट बुकिंग
कई ट्रेडर्स लिवरेज का इस्तेमाल करते हैं। गिरावट के दौरान उनकी लॉन्ग पोजीशन बंद होती है, जिससे लिक्विडेशन और सेल ऑर्डर का कैस्केड इफेक्ट बनता है। बड़े ट्रेडर्स मुनाफा कमाते हुए प्रॉफिट बुकिंग करते हैं, जिससे गिरावट और बढ़ जाती है।
बिटकॉइन का भविष्य
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सामान्य करेक्शन है और रैली के बाद की गिरावट हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि बिटकॉइन या क्रिप्टो मार्केट पूरी तरह क्रैश हो जाएगा। हालांकि, इसमें लिक्विडेशन, बड़े होल्डर्स की सेल और ETF आउटफ्लो जैसी जोखिमें बनी हुई हैं, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
