बीना के श्रुतधाम पहुंचे संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव गुरमीत सिंह चावला, पाण्डुलिपि संग्रहालय का किया निरीक्षण
बीना के श्रुतधाम में संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने किया पाण्डुलिपि केंद्र का निरीक्षण
दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संग्रह और संरक्षण व्यवस्था से प्रभावित हुई टीम, ज्ञान भारतम् के तहत संरक्षण-संवर्धन का कार्य जारी
बीना।
राजेश जैन दद्दू। अनेकान्त ज्ञान मंदिर एवं शोध संस्थान, श्रुततीर्थ श्रुतधाम बीना में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव गुरमीत सिंह चावला ने पाण्डुलिपि केंद्र एवं पाण्डुलिपि संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
संयुक्त सचिव गुरमीत सिंह चावला के साथ डॉ. आफताब हुसैन, अधीक्षण पुरातत्त्वविद्, भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, जबलपुर मंडल, डॉ. कमल कांत वर्मा, उप-अधीक्षण पुरातत्त्वविद् तथा डॉ. राजेश मेहर, उप-अधीक्षण पुरातत्त्वविद्, भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, जबलपुर मंडल ने संस्थान में संरक्षित पाण्डुलिपियों एवं उनके रखरखाव की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

पाण्डुलिपि संग्रहालय का किया अवलोकन
अनेकान्त ज्ञान मंदिर श्रुतधाम के संस्थापक संदीप ‘सरल’ भैया जी के प्रयासों से निर्मित पाण्डुलिपि संग्रहालय का अधिकारियों ने विस्तार से निरीक्षण किया। संस्थान में संग्रहित पाण्डुलिपियों तथा उनके संरक्षण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी भी टीम को दी गई।
संस्थान के अनुसार संयुक्त सचिव गुरमीत सिंह चावला एवं उनके साथ आए अधिकारियों ने पाण्डुलिपि संग्रहालय, संस्थान के वातावरण और परिसर की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।
ज्ञान भारतम् के तहत संरक्षण का कार्य प्रगति पर
अनेकान्त ज्ञान मंदिर एवं शोध संस्थान में संग्रहित पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य ज्ञान भारतम्, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से प्रगति पर है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों को सुरक्षित रखते हुए भावी पीढ़ियों के लिए ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है।
संस्थान में पाण्डुलिपियों के व्यवस्थित संरक्षण के साथ शोध एवं अध्ययन से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
निरीक्षण के अवसर पर डॉ. अरुण प्रकाश बुखारिया, डॉ. राकेश जैन वर्धमान, अंकित जैन, दीपेंद्र जैन, विपिन जैन, निखिल जैन एवं सुनील विश्वकर्मा सहित संस्थान से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।
