Bijnor Dharm Parivartan Case: जम्मू-कश्मीर में नाबालिग के धर्म परिवर्तन का मामला चर्चा में,
Bijnor में सामने आया एक कथित धर्म परिवर्तन मामला इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में 16 वर्षीय एक नाबालिग किशोर ने जम्मू-कश्मीर में इस्लाम धर्म अपनाने की बात कही है। परिवार ने आरोप लगाया है कि किशोर को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया गया, जबकि किशोर का कहना है कि उसने अपनी इच्छा से धर्म बदला है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि इसमें नाबालिग, धर्म परिवर्तन, सोशल मीडिया और जम्मू-कश्मीर कनेक्शन जैसी कई संवेदनशील बातें जुड़ी हुई हैं। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की भी इस पर नजर बनी हुई है। परिवार लगातार यह दावा कर रहा है कि उनका बेटा पहले ऐसा नहीं था और पिछले कुछ महीनों में उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आया।
इंस्टाग्राम वीडियो से सामने आया मामला
परिजनों के अनुसार उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी एक वायरल इंस्टाग्राम वीडियो से मिली। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें किशोर खुद को “हमजा” बता रहा था। वीडियो देखने के बाद परिवार के लोग हैरान रह गए और तुरंत उससे संपर्क करने की कोशिश की।
परिवार का कहना है कि जब उन्होंने बेटे से बात की तो उसने खुद बताया कि उसने इस्लाम धर्म अपना लिया है। इसके बाद घरवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार ने तुरंत स्थानीय पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर मामले की शिकायत की।
घटना सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे स्वेच्छा से लिया गया फैसला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सुनियोजित धर्म परिवर्तन का मामला मान रहे हैं।
तीन साल पहले जम्मू-कश्मीर गया था किशोर
जानकारी के अनुसार बिजनौर जिले के खानजहांपुर बहादर गांव का रहने वाला यह किशोर करीब तीन साल पहले गांव के ही एक युवक वसीम के साथ जम्मू-कश्मीर गया था। वहां उसने हेयर कटिंग और सैलून का काम सीखना शुरू किया था।
परिवार के मुताबिक शुरुआत में सब कुछ सामान्य था। किशोर फोन पर परिवार से लगातार संपर्क में रहता था और हर महीने घर पैसे भी भेजता था। परिवार को यह लगता था कि वह काम सीख रहा है और धीरे-धीरे अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद उसने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा इलाके में बिलाल पठान नाम के युवक के साथ साझेदारी में एक सैलून खोल लिया। इसके बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह जम्मू-कश्मीर में ही बसने लगी।
धीरे-धीरे बदलने लगा व्यवहार
परिवार का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में किशोर के व्यवहार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहले जो लड़का नियमित रूप से घर फोन करता था, वह अचानक परिवार से दूरी बनाने लगा। उसने घर पैसे भेजना बंद कर दिया और बातचीत के दौरान गुस्से में रहने लगा।
किशोर के पिता कृष्ण कुमार का कहना है कि उनका बेटा पहले परिवार के काफी करीब था, लेकिन धीरे-धीरे वह बदलता चला गया। फोन पर बात करने के दौरान वह कई बार परिवार से झगड़ा करने लगा था।
परिवार का यह भी दावा है कि बेटे के बोलने और व्यवहार करने के तरीके में भी काफी बदलाव आ गया था। उन्हें लगने लगा था कि कोई उसे प्रभावित कर रहा है। हालांकि उस समय तक परिवार को धर्म परिवर्तन जैसी किसी बात का अंदाजा नहीं था।
गांव लौटने के बाद फिर अचानक बदला फैसला
परिजनों के अनुसार किशोर 5 मई को गांव लौटा था। परिवार ने सोचा कि अब वह स्थायी रूप से वापस आ जाएगा और सामान्य जिंदगी शुरू करेगा। इसी दौरान घरवालों ने उसकी शादी की बात शुरू की।
परिवार का कहना है कि किशोर शादी के लिए तैयार भी हो गया था और लड़की देखने भी गया था। इससे परिवार को लगा कि सब कुछ सामान्य हो रहा है। लेकिन अगले ही दिन वह वापस जम्मू-कश्मीर चला गया।
इसके बाद अचानक उसने शादी से इनकार कर दिया। परिवार के मुताबिक उसके व्यवहार में यह बदलाव बेहद चौंकाने वाला था। कुछ समय बाद इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए उन्हें उसके धर्म परिवर्तन की जानकारी मिली।
“हमजा” नाम से खुद को बताया
परिवार के मुताबिक जब उन्होंने बेटे से फोन पर बात की तो उसने खुद को “हमजा” बताया। उसने कहा कि उसने इस्लाम धर्म अपना लिया है और अब वह उसी नाम से अपनी पहचान बनाना चाहता है।
इस बयान के बाद परिवार और ज्यादा परेशान हो गया। परिजनों का कहना है कि उनका बेटा पहले कभी धर्म परिवर्तन जैसी बातें नहीं करता था। उन्हें शक है कि जम्मू-कश्मीर में कुछ लोगों ने उस पर मानसिक दबाव बनाया या उसे प्रभावित किया।
हालांकि किशोर ने कथित तौर पर साफ कहा है कि उसने अपनी इच्छा से धर्म बदला है और उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था।
पुलिस कर रही हर एंगल से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए Uttar Pradesh Police ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि धर्म परिवर्तन किसी दबाव, लालच या बहकावे में कराया गया या फिर किशोर ने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया।
पुलिस किशोर के सोशल मीडिया अकाउंट्स, फोन रिकॉर्ड और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में उसके साथ रहने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किशोर किसी विशेष समूह या नेटवर्क के संपर्क में था। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
नाबालिग होने से मामला और संवेदनशील
यह मामला इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक नाबालिग शामिल है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग से जुड़े मामलों में जांच बेहद सावधानी से की जाती है।
यदि यह साबित होता है कि किसी प्रकार का दबाव, प्रलोभन या मानसिक प्रभाव डालकर धर्म परिवर्तन कराया गया है, तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। वहीं यदि किशोर ने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया है, तो मामला अलग दिशा में जा सकता है।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले को संवेदनशील मानते हुए सतर्कता बरत रहा है ताकि किसी प्रकार का सामाजिक तनाव न बढ़े।
सोशल मीडिया की भूमिका भी जांच के घेरे में
इस मामले में सोशल मीडिया की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए ही परिवार को पूरे मामले की जानकारी मिली। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किसने बनाया, किसने अपलोड किया और उसका उद्देश्य क्या था।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज सोशल मीडिया का प्रभाव युवाओं पर तेजी से बढ़ रहा है। कई बार लोग सोशल मीडिया के जरिए नई विचारधाराओं और समूहों के संपर्क में आते हैं। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं सोशल मीडिया के जरिए किशोर को प्रभावित तो नहीं किया गया।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चा
बिजनौर और आसपास के इलाकों में यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। गांव में लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग परिवार के समर्थन में खड़े हैं, जबकि कुछ का कहना है कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद का धर्म चुनने का अधिकार है।
हालांकि प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और बिना पुष्टि के किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर
घटना सामने आने के बाद कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ संगठनों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जांच की मांग की है।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मामले को सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
स्थानीय प्रशासन भी मामले को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
परिवार ने लगाई मदद की गुहार
किशोर के परिवार ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील की है। परिवार का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनका बेटा वापस घर लौट आए और पूरे मामले की सच्चाई सामने आए।
पिता कृष्ण कुमार का कहना है कि उनका बेटा पहले ऐसा नहीं था और अचानक आए बदलाव ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिवार का दावा है कि बेटे को किसी ने प्रभावित किया है।
अभी जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अभी तक किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच की जाएगी।
इस मामले ने एक बार फिर धर्म परिवर्तन, सोशल मीडिया के प्रभाव और युवाओं पर बाहरी संपर्कों के असर जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आ
