बिजापुर किराणा मार्केट में मनाया गया पुण्य सम्राट राष्ट्रसंत आचार्य भगवंत जयन्तसेन सुरिश्वरजी महाराजा साहेब का 90वां अवतरण दिवस, 600 से अधिक लोगों को वितरित हुई गुरु प्रसादी
कर्नाटक के बिजापुर जिले ने इस वर्ष एक ऐतिहासिक और दिव्य आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना। बिजापुर किराणा मार्केट में पुण्य सम्राट राष्ट्रसंत आचार्य भगवंत जयन्तसेन सुरिश्वरजी महाराजा साहेब के 90वें अवतरण दिवस का आयोजन अत्यंत भव्यता, श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन गुरुदेव के परम गुरुभक्त श्रीमान दलिचंदजी भण्डारी मेंगलवा और बिजापुर क्षेत्र के अन्य भक्तों द्वारा किया गया। आयोजन में 36 कौम के सैकड़ों श्रद्धालु एकत्र हुए और पूरे नगर में “जय गुरुदेव… जय गुरुदेव” के गगनभेदी जयकारे गुंज उठे।
ऐतिहासिक महाआरती में उमड़ा भक्तों का सैलाब
अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में बिजापुर किराणा मार्केट में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जो इस वर्ष का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जा रहा है। इस आरती में बिजापुर और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 300 से अधिक भक्तगण शामिल हुए। विशेष बात यह रही कि 36 कौम के श्रद्धालुओं ने मिलकर इस आरती में भाग लिया, जिससे यह कार्यक्रम सामाजिक और धार्मिक एकता का प्रेरक उदाहरण बन गया।
कार्यक्रम में एक अनोखी परंपरा निभाते हुए आयोजकों ने भक्तों के लिए लकी ड्रॉ सिस्टम रखा था। लकी ड्रॉ में आलासण निवासी जितुभाई संधवी का नाम चुना गया। उन्हें अत्यंत सम्मानपूर्वक महाआरती करने का सौभाग्य प्रदान किया गया। जैसे ही उन्होंने आरती की शुरुआत की, पूरा मार्केट—दीपों की रोशनी, भक्तों की आवाज़ और भक्ति गीतों की धुनों से—मंगल्य और आध्यात्मिक आभा से भर गया।
600 से अधिक लोगों को वितरित हुई गुरु प्रसादी
अवतरण दिवस पर गुरुदेव की शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए “सेवा ही धर्म” भाव से 600 से अधिक श्रद्धालुओं को गुरु प्रसादी वितरित की गई। यह सेवा कार्य पुण्य सम्राट के परम भक्त दलिचंदजी भण्डारी भुरमलजी भण्डारी मेंगलवा की ओर से संपन्न हुआ। प्रसादी वितरण का यह दिव्य क्षण श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक संतोष और पुण्यलाभ का माध्यम बना।
लोगों ने गुरुदेव के प्रति अपनी अनन्य श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि “जयन्तसेन सुरिश्वरजी महाराजा साहेब” की कृपा से ही समाज में प्रेम, सौहार्द और आध्यात्मिक जागरण के नए मार्ग प्रशस्त होते हैं।
गुरुदेव के 90वें अवतरण दिवस पर झूम उठा बिजापुर
पूरे कार्यक्रम के दौरान बिजापुर किराणा मार्केट में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। जगह-जगह भक्तों ने दीपक, ध्वज और सजावट से माहौल को पावन बनाया। “जय गुरुदेव… जय गुरुदेव” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। गुरुदेव के अवतरण दिवस पर भक्तों ने हर्षोल्लास के साथ एक-दूसरे को बधाई दी और गुरु चरणों में शीश नवाया।
गुरुदेव के भक्तों का मानना है कि राष्ट्रसंत जयन्तसेन सुरिश्वरजी महाराजा साहेब ने अपने तप, त्याग, संयम और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से सम्पूर्ण समाज को मानवता, अहिंसा और करुणा की राह दिखाई है। उनका 90वां अवतरण दिवस भक्तों में नई ऊर्जा, प्रेरणा और भक्ति के संकल्प को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख गुरुभक्त
अवतरण दिवस के इस भव्य आयोजन में बिजापुर क्षेत्र के कई प्रमुख श्रद्धालु, व्यापारी और समाजजन शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
- दलिचंदजी भण्डारी
- भवरलालजी वाणीगोता
- पृथ्वीराज जी
- महेन्द्र जी सकलेचा
- प्रविण भाई वाणीगोता
- प्रेम वाणीगोता
- प्रकाशजी चोपड़ा
- हिरालालजी चोपड़ा
- अश्विन भाई पोरवाल
- मुकेश भाई वाणीगोता
- मुकेश भाई भण्डारी
- राजूजी वाणीगोता
- रमेश जी संघवी
- कैलाशजी बालगोता
- रमेश जी संखलेशा
- बंटी वाणीगोता
- पिंटू वाणीगोता
- और अनेक गौरवशाली गुरुभक्त
सभी ने मिलकर गुरुदेव के अवतरण दिवस को अविस्मरणीय बनाने में योगदान दिया।
गुरुदेव की शिक्षाओं से प्रेरित एक भव्य आयोजन
पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना ही नहीं था, बल्कि गुरुदेव की शिक्षाओं—अहिंसा, मैत्री, संयम, सेवा और सत्य—को समाज में और अधिक जागरूकता के साथ प्रसारित करना भी था।
भक्तों ने कार्यक्रम के दौरान संकल्प लिया कि वे—
- समाज में सद्भावना को बढ़ावा देंगे
- गुरुवाणी का अनुसरण करेंगे
- जरूरतमंदों की सेवा करेंगे
- और गुरु की दी हुई मानवता की राह पर चलेंगे
यह आयोजन बिजापुर नगर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ गया।





