पटना। बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर और एनडीए के बीच का विवाद फिर गरमाया है। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार को नेता चाहिए, ठेकेदार नहीं। यह बयान उन्होंने न्यूज़18 इंडिया के विशेष कार्यक्रम Diamond States Summit में दिया।
श्रवण कुमार ने मंच से कहा, “प्रशांत किशोर राजनीति में ठेकेदारी करते थे। पैसे लेकर राजनीतिक टीका-टिप्पणी करते थे। उनकी दुकान अब बंद हो गई है और आगे चलने वाली भी नहीं है। उन्हें बिहार की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं है और उनके दावे जमीन पर टिकते नहीं।”
मंत्री ने आगे कहा कि बिहार की जनता ठेकेदार नहीं, सेवक चाहती है और इस भूमिका में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशांत किशोर की गतिविधियाँ जनता और वास्तविक राजनीतिक ज़रूरतों से अलग हैं।

इस बयान के साथ ही बिहार में प्रशांत किशोर के राजनीतिक प्रभाव और उनकी रणनीतिक भूमिका पर नई बहस छिड़ गई है। इससे पहले भी कई मौकों पर PK और बिहार सरकार के बीच असहमति की खबरें आती रही हैं।
- श्रवण कुमार ने PK को ‘राजनीति का ठेकेदार’ करार दिया।
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कहा कि बिहार को नेता चाहिए, ठेकेदार नहीं।
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प्रशांत किशोर की दुकान बंद होने की बात कही।
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मंत्री ने जनता को ठेकेदार की बजाय सेवक चाहिए, यह संदेश दिया।
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बयान के बाद बिहार में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना।
यह बयान बिहार की सियासी हलचल और आगामी चुनावी माहौल को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है।
