कैबिनेट बैठक के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
Bihar की राजनीति आज एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक समाप्त कर दी और उसके तुरंत बाद अपने सरकारी आवास लौट गए। इस बैठक के दौरान उन्होंने मंत्रियों को अपने संभावित इस्तीफे की जानकारी दी और साथ ही कैबिनेट भंग करने की सिफारिश भी की।
इस घटनाक्रम के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी दलों की निगाहें आगामी फैसले पर टिक गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल देखी जा रही है।
राजभवन क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा, हाई अलर्ट घोषित
इस्तीफे की अटकलों के बीच पटना का राजभवन क्षेत्र पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए राजभवन जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों को सील कर दिया गया है और आम वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोपहर करीब 3 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद शाम 4 बजे तक राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।
अंतिम कैबिनेट बैठक में 26 मंत्रियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कुल 26 मंत्रियों ने भाग लिया, जिनमें उपमुख्यमंत्री समेत राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल रहे। बैठक का माहौल काफी गंभीर बताया जा रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी मंत्रियों को उनके कार्यकाल में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और हालिया फैसलों पर भी चर्चा की।
मंत्रियों को यह भी संकेत दिया गया कि आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
एनडीए सरकार और पिछले फैसलों का संदर्भ
गौरतलब है कि नवंबर में एनडीए सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे, हालांकि पिछले कुछ महीनों में कैबिनेट बैठकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
इस कमी को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं होती रही हैं और विपक्ष ने भी सरकार की सक्रियता पर सवाल उठाए थे।
20 फरवरी 2026 को हुई पिछली अहम कैबिनेट बैठक में सोनपुर में एयरपोर्ट निर्माण को मंजूरी दी गई थी, जिसे राज्य के विकास के लिए एक बड़ा कदम माना गया था।
विपक्ष का हमला और तेज हुई राजनीति
विपक्ष लगातार सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहा है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने भी कैबिनेट बैठकों की कम संख्या और सरकार की नीतियों को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी।
अब ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। बिहार की राजनीति में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
अंतिम बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री शामिल
इस अंतिम कैबिनेट बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। इनमें विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, विजय कुमार चौधरी, लेशी सिंह और जमा खान जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा और तेज हो गई है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है और जल्द ही बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आ सकता है।
सत्ता परिवर्तन की संभावना और नए मुख्यमंत्री पर नजरें
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नीतीश कुमार इस्तीफा देते हैं तो बिहार की सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी। राजनीतिक दलों के भीतर बैठकों और रणनीति का दौर शुरू हो गया है।
शाम तक नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की संभावना ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। आने वाले कुछ घंटे बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित हो सकते हैं।
राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषक दोनों ही इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि यह बदलाव बिहार के भविष्य की दिशा तय कर सकता है।
