बिहार के सियासी गलियारों की चहल पहल धीमी हो चुकी है। ऐसा इसलिए क्युकी दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले चुनाव प्रचार का शोर रविवार शाम से थम चूका है। अब उम्मीदवार डोर-टू-डोर जाकर वोट की अपील करेंगे।
बता दे की राज्य की 243 सीटों में से पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हो चुका है, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान :
इस बार के चुनाव में बिहार की जनता ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया ,पहले चरण में करीब 65 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी-अपनी जनसभाओं के जरिए प्रचार अभियान को अंतिम रूप दिया।
राहुल गांधी ने की 15 जनसभाएं :
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीमांचल के किशनगंज और पूर्णिया जिलों में रैलियां कीं। उन्होंने कुल 15 जनसभाएं कीं और अपनी “वोटर अधिकार यात्रा” के जरिए जनता से सीधा संवाद स्थापित किया।
अमित शाह का सबसे बड़ा प्रचार अभियान :
गृह मंत्री अमित शाह ने अब तक 37 रैलियां की हैं, ऐसा माना जा रहा है की यह रेलिया इस चुनाव की सबसे बड़ा प्रचार अभियान है। उन्होंने सासाराम और अरवल जैसे भाजपा के कमजोर इलाकों में भी सभाएं कीं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने औरंगाबाद और कैमूर में रैलियां कीं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जनसभाएं और एक रोड शो किया।
प्रियंका गांधी का बिहार में पहला प्रचार :
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहली बार बिहार में चुनाव प्रचार किया। उन्होंने 10 रैलियां और एक रोड शो किया। खराब मौसम के कारण एक सभा रद्द करनी पड़ी।
भाजपा के अन्य स्टार प्रचारकों में जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ, नितिन गडकरी, हिमंत बिस्व सरमा, मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान शामिल रहे।
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव आमने-सामने :
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (जदयू) ने शांत लेकिन प्रभावशाली प्रचार अभियान चलाया। वे लगातार पांचवें कार्यकाल के लिए सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, तेजस्वी यादव ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पूरे जोश में दिखाई दिए।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बनी चर्चा का विषय :
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पारंपरिक रैलियों से हटकर “घर-घर संपर्क अभियान” पर फोकस किया है। उनके अनोखे प्रचार तरीके ने उन्हें इस चुनाव का “एक्स फैक्टर” बना दिया है।
