इंदौर।
त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए इंदौर प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर शिवम वर्मा के सख्त निर्देशों पर खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों रजवाड़ी स्वीट्स (प्रेम नगर) और आहूजा मिल्क प्रोडक्ट्स पर छापेमारी कर 2754 किलोग्राम मिठाई जब्त की। यह कार्रवाई दिवाली से पहले उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए की गई, ताकि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंच सके।
इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर रजवाड़ी स्वीट्स और आहूजा मिल्क प्रोडक्ट्स पर छापेमारी, 2754 किलो मिठाई जब्त, मिलावट की आशंका।
🔍 जांच में सामने आई बड़ी अनियमितताएं
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान मिठाई बनाने में उपयोग होने वाले दूध, मावा, घी और रंगीन तत्वों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर खामियां पाई गईं।
जांच में पता चला कि कई मिठाइयों में कृत्रिम रंग, पुराना मावा, और घी के स्थान पर सस्ता वसा मिश्रण इस्तेमाल किया जा रहा था। मिठाई बनाने के बर्तन और किचन की स्वच्छता व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं थी।
प्राथमिक जांच के आधार पर अधिकारियों ने माना कि मिठाई में मिलावट की आशंका है। सभी संदिग्ध मिठाइयों के नमूने लैब भेजे गए हैं, जहां से रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई को और सख्त किया जाएगा।
🧑⚖️ कलेक्टर शिवम वर्मा का सख्त रुख
कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट संदेश दिया कि इंदौर में त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा —
“त्योहारों पर आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी दुकानदार या निर्माता मिलावट में पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन ने सभी मिठाई, दूध, घी और नमकीन विक्रेताओं की विशेष निगरानी शुरू कर दी है। पूरे जिले में टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यादृच्छिक जांच करें और संदिग्ध सामग्री तुरंत जब्त करें।
🚨 रजवाड़ी स्वीट्स और आहूजा मिल्क प्रोडक्ट्स पर फोकस
रजवाड़ी स्वीट्स, जो प्रेम नगर क्षेत्र की एक जानी-मानी दुकान है, वहां निरीक्षण के दौरान मावा और बर्फी में मिलावट के संकेत मिले। वहीं आहूजा मिल्क प्रोडक्ट्स में दूध और दूध से बने उत्पादों में मानक से कम वसा और अधिक नमी पाई गई।
दोनों प्रतिष्ठानों से जब्त 2754 किलो मिठाई को सुरक्षित रूप से सील कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, जब तक लैब रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक जब्त मिठाई बाजार में नहीं बेची जा सकेगी। रिपोर्ट आने पर संबंधित दुकानों पर FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
👮 प्रशासन ने जारी की चेतावनी
खाद्य आपूर्ति विभाग ने इंदौर के सभी व्यापारी संगठनों और मिठाई विक्रेताओं को चेतावनी जारी की है कि वे गुणवत्ता मानकों का पालन करें, अन्यथा उनका लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
विभाग ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में विशेष टीमें राजवाड़ा, विजय नगर, पलासिया, भंवरकुआं और नवलखा क्षेत्रों में भी जांच करेंगी।
📈 त्योहारों में बढ़ती मांग और मिलावट का खतरा
दिवाली, दशहरा और अन्य त्योहारों के दौरान इंदौर में मिठाई और डेयरी उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व मिलावटी मावा, नकली घी और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसी सामग्री से बनी मिठाई न केवल स्वाद और गुणवत्ता को खराब करती है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करती है।
डॉक्टरों का कहना है कि नकली मावा और कृत्रिम रंगों वाली मिठाइयां लिवर, किडनी और पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ा सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे मिठाई खरीदते समय FSSAI मार्क और निर्माण तिथि अवश्य जांचें।
🧾 इंदौर प्रशासन की विशेष योजना
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर बनाई गई विशेष निगरानी टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, राजस्व निरीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के सदस्य शामिल हैं।
यह टीम हर दिन शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर मिठाई, दूध, तेल और घी के नमूने जांच रही है। साथ ही, दुकानदारों को स्वच्छता और मानक पालन के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।
टीम ने बताया कि यह अभियान पूरे अक्टूबर और नवंबर महीने तक चलेगा, ताकि दीपावली तक बाजार में मिलावट पर नियंत्रण रखा जा सके।
