इंदौर संभाग को मिलेगी बड़ी सौगात: Khandwa की 85 साल पुरानी नागचून हवाई पट्टी बनेगी मिनी एयरपोर्ट, पर्यटन और कारोबार को मिलेगा पंख
Khandwa मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में लंबे समय से हवाई कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। ब्रिटिश काल में तैयार की गई नागचून हवाई पट्टी को अब नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, पुरानी हवाई पट्टी का विस्तार और उन्नयन कर इसे मिनी एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। यदि यह योजना धरातल पर उतरती है तो खंडवा के विकास, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
नागचून की हवाई पट्टी करीब 85 वर्ष पुरानी बताई जाती है। लंबे समय से इसे एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की मांग और घोषणाएं होती रही हैं। अब केंद्र सरकार की उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत इसे एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
उड़ान योजना के तहत होगा विकास
केंद्र सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना उड़ान का उद्देश्य देश के छोटे शहरों और कस्बों को हवाई सेवा से जोड़ना है। इसी योजना के तहत मध्य प्रदेश की कई पुरानी हवाई पट्टियों को विकसित कर वहां से हवाई सेवाएं शुरू करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू की ओर से प्रथम चरण में सिंगरौली समेत पांच जिलों की हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया में खंडवा की नागचून हवाई पट्टी को भी शामिल किया गया है।
इसके बाद अब हवाई पट्टी के विस्तारीकरण, उन्नयन और जरूरी सुविधाओं के विकास की संभावनाएं खुल गई हैं। एयरपोर्ट के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे को विकसित करने से पहले सर्वे और तकनीकी स्तर पर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
भोपाल की बैठक में कई जिलों के प्रस्ताव
भोपाल में हुई विमानन विभाग की बैठक में मध्य प्रदेश की कई हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में बदलने का प्रस्ताव सामने आया। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल की हवाई पट्टियां शामिल हैं।
इन हवाई पट्टियों के विकास से प्रदेश के उन क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल सकती है, जहां वर्तमान में बड़े एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। खंडवा में एयरपोर्ट बनने से स्थानीय लोगों के साथ कारोबारियों, पर्यटकों और निवेशकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
ओंकारेश्वर और हनुवंतिया को मिलेगा फायदा
Khandwa की भौगोलिक स्थिति और आसपास के पर्यटन स्थलों को देखते हुए यहां एयरपोर्ट का विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में स्थित ओंकारेश्वर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा हनुवंतिया भी मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी पहचान बना चुका है।
वर्तमान में इन क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए यात्रियों को सड़क और रेल मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। यदि खंडवा से नियमित हवाई सेवाएं शुरू होती हैं तो देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यात्रा आसान हो सकती है।
इसका सीधा असर स्थानीय होटल, परिवहन, खानपान, पर्यटन व्यवसाय और अन्य छोटे-बड़े कारोबार पर पड़ सकता है। हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से नए निवेश की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
व्यापार और उद्योग को मिल सकती है नई गति
एयरपोर्ट केवल यात्रियों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहता, बल्कि किसी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित करता है। खंडवा में एयरपोर्ट बनने से स्थानीय व्यापारियों और उद्योगों को बड़े शहरों से तेज कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
व्यापारिक यात्राओं में लगने वाला समय कम हो सकता है और बाहर से आने वाले कारोबारी तथा निवेशक भी क्षेत्र तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
पुरानी हवाई पट्टी को मिलेगा नया स्वरूप
नागचून हवाई पट्टी के विकास के लिए केवल रनवे का विस्तार ही पर्याप्त नहीं होगा। एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, टर्मिनल भवन और अन्य जरूरी आधारभूत ढांचे को भी विकसित करना होगा। इसके लिए तकनीकी सर्वे और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
फिलहाल यह योजना शुरुआती चरण में है, लेकिन हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव खंडवा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित योजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में खंडवा को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिल सकती है।
कुल मिलाकर, 85 साल पुरानी नागचून हवाई पट्टी का कायाकल्प खंडवा के लिए सिर्फ परिवहन सुविधा बढ़ाने वाला कदम नहीं होगा, बल्कि यह जिले के पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के लिए भी नई संभावनाओं का रास्ता खोल सकता है।
