Bhopal में शादी से इनकार पर युवक का खौफनाक बदला, 500 कैब भेजकर उत्पीड़न,
Bhopal में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला साइबर उत्पीड़न का मामला सामने आया है, जिसमें शादी से इनकार करने पर एक युवक पर युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के कई आरोप लगे हैं। आरोप है कि युवक ने न केवल तकनीक का गलत इस्तेमाल किया, बल्कि युवती की निजी जिंदगी को निशाना बनाते हुए उसे लगातार परेशान किया।
पीड़िता ने कई महीनों तक यह उत्पीड़न झेला और आखिरकार राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। मामला अब साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों की श्रेणी में देखा जा रहा है।
मैट्रिमोनियल साइट से शुरू हुई पहचान
जानकारी के अनुसार, भोपाल की रहने वाली युवती की पहचान मई 2025 में मैट्रिमोनियल साइट शादी डॉट कॉम के जरिए उदयपुर के एक युवक से हुई थी। शुरुआती बातचीत सामान्य रही और दोनों परिवारों के बीच बातचीत आगे बढ़ी।
इसके बाद जून 2025 में दोनों परिवारों की मुलाकात हुई और बातचीत के आधार पर शादी तय कर दी गई। हालांकि, कुछ समय बाद युवती के परिवार को युवक के व्यवहार पर संदेह हुआ और उन्होंने रिश्ता तोड़ने का निर्णय लिया।
रिश्ता टूटते ही शुरू हुआ मानसिक उत्पीड़न
शादी टूटने के बाद युवक ने कथित तौर पर युवती को लगातार परेशान करना शुरू कर दिया। वह अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल करता रहा और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करने का प्रयास करता रहा।
पीड़िता के अनुसार, जब उसने युवक को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, तब भी उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। युवक कथित रूप से उसकी गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश करता रहा और यह जानने का प्रयास करता रहा कि वह किससे बातचीत कर रही है।
AI का दुरुपयोग कर बनाई फर्जी तस्वीरें
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि युवक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग करते हुए युवती की फर्जी तस्वीरें तैयार कीं। इनमें गोदभराई, शादी और हनीमून जैसे निजी और संवेदनशील दृश्य दिखाए गए।
इन तस्वीरों को फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से वायरल किया गया, जिससे युवती की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह डिजिटल युग में उभरता हुआ गंभीर साइबर अपराध है, जिसमें डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल किया जाता है।
एक दिन में 500 कैब भेजकर बढ़ाया उत्पीड़न
पीड़िता के अनुसार, उत्पीड़न की सीमा तब और बढ़ गई जब जनवरी 2026 में युवक ने एक ही दिन में लगभग 500 कैब युवती के घर के पते पर बुक कर दीं। लगातार कैब्स के आने से परिवार परेशान हो गया और स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
यह घटना न केवल उत्पीड़न का एक अजीब तरीका थी, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर पीड़िता को डराने और परेशान करने की कोशिश कर रहा था।
लगातार कॉल और सोशल मीडिया से दबाव
युवती ने बताया कि ब्लॉक करने के बाद भी आरोपी अलग-अलग नंबरों से कॉल करता रहा। इसके अलावा, फर्जी प्रोफाइल बनाकर सोशल मीडिया पर उसे ट्रैक करने और बदनाम करने की कोशिश की गई।
इन हरकतों से युवती मानसिक तनाव में आ गई और उसका सामान्य जीवन प्रभावित होने लगा। परिवार ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
महिला आयोग में शिकायत दर्ज
लगातार कई महीनों तक उत्पीड़न झेलने के बाद पीड़िता ने राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के संकेत दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला आईटी एक्ट, साइबर स्टॉकिंग और महिला उत्पीड़न से जुड़े कई कानूनी प्रावधानों के तहत आता है। दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
विशेषज्ञों की राय: बढ़ता डिजिटल अपराध
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला दिखाता है कि कैसे AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित कर सकता है। डीपफेक इमेज, फर्जी अकाउंट और ऑटोमेटेड बुकिंग जैसे तरीके अब नए साइबर अपराधों के रूप में सामने आ रहे हैं।
निष्कर्ष
भोपाल का यह मामला केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग और साइबर अपराध का गंभीर उदाहरण है। शादी से इनकार के बाद बदले की भावना में की गई ये हरकतें न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि पीड़िता के मानसिक और सामाजिक जीवन पर गहरा असर डालती हैं। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आगे कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
